शिक्षक दिवस 2026: पीएम मोदी ने शिक्षकों के योगदान को सराहा
शिक्षक दिवस का उत्सव
नई दिल्ली: आज 5 सितंबर को पूरे देश में शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उनके योगदान को राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति और शिक्षाविद् डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से संवाद
शिक्षक दिवस से एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी ने 7 लोक कल्याण मार्ग पर राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के विजेताओं से मुलाकात की। इस दौरान शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा किए और बताया कि वे बच्चों की पढ़ाई को रोचक और प्रभावी बनाने के लिए नए तरीकों का उपयोग कैसे कर रहे हैं।
बच्चों के स्क्रीन टाइम पर चिंता
बातचीत के दौरान, बच्चों के बढ़ते स्क्रीन टाइम का मुद्दा भी उठाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे चिंता का विषय बताते हुए खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
शिक्षकों की भूमिका का महत्व
प्रधानमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों के जीवन और उनकी व्यक्तिगत जरूरतों को समझें। उन्होंने कहा कि शिक्षक की भूमिका केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए।
नशे के खतरे पर जागरूकता
प्रधानमंत्री ने शिक्षण संस्थानों में नशे के बढ़ते खतरे पर भी चिंता जताई। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों के व्यवहार में होने वाले असामान्य बदलावों पर ध्यान देने और संवाद बनाए रखने की आवश्यकता बताई।
हर बच्चे की प्रतिभा को पहचानें
प्रधानमंत्री और शिक्षक पुरस्कार विजेताओं के बीच बातचीत में यह बात सामने आई कि हर विद्यार्थी की अपनी अलग क्षमता और रुचि होती है। शिक्षक को चाहिए कि वे केवल परीक्षा के परिणामों के आधार पर विद्यार्थियों को न देखें।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कार वितरण
शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान कर रही हैं। इस वर्ष कुल 82 शिक्षकों और शिक्षकों से जुड़े पेशेवरों का चयन किया गया है।
डॉ. राधाकृष्णन की याद
भारत में हर साल 5 सितंबर को डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने और शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण को याद करने का है।
शिक्षा का व्यापक दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि शिक्षा केवल किताबों और परीक्षाओं तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शिक्षकों का कार्य विद्यार्थियों के ज्ञान के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व के विकास में भी महत्वपूर्ण है।