शहबाज शरीफ ने UNGA में हाफिज सईद पर सवालों का जवाब नहीं दिया
UNGA में शहबाज शरीफ का सामना
न्यूयॉर्क: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के दौरान हाफिज सईद और आतंकवाद से संबंधित मुद्दों पर सवालों का सामना करना पड़ा। पत्रकारों ने उनसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई और आतंकवादियों को संरक्षण देने के बारे में सवाल पूछे, लेकिन उन्होंने किसी भी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया और आगे बढ़ गए।
रिपोर्टों के अनुसार, 24 सितंबर को जब शहबाज शरीफ न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में प्रवेश कर रहे थे, तब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि पाकिस्तान कब आतंकवादियों को पनाह देना बंद करेगा। इस पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और बिना उत्तर दिए अंदर चले गए।
UN मुख्यालय से बाहर निकलते समय पत्रकार ने फिर से सवाल किया कि लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ मुकदमा कब चलाया जाएगा। इस बार भी प्रधानमंत्री ने कोई उत्तर नहीं दिया और वहां से आगे बढ़ गए।
दो बार सवाल, दोनों बार कोई जवाब नहीं
इस पूरे घटनाक्रम में यह महत्वपूर्ण है कि शहबाज शरीफ से आतंकवाद से जुड़े मुद्दों पर दो अलग-अलग मौकों पर सवाल किए गए। पहले आतंकवादियों को पनाह देने के बारे में पूछा गया और बाद में सीधे हाफिज सईद के खिलाफ कार्रवाई के बारे में। दोनों बार उन्होंने कोई सार्वजनिक उत्तर नहीं दिया।
हाफिज सईद कौन है?
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और भारत में उसे नामित आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है। 26/11 मुंबई आतंकी हमलों में उसका नाम बार-बार सामने आता रहा है। भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले से संबंधित अपनी पूरक चार्जशीट में हाफिज सईद को आरोपी नंबर 8 के रूप में नामित किया है और उसके खिलाफ एक बड़ी साजिश में कथित भूमिका का आरोप लगाया है। इन आरोपों पर अंतिम न्यायिक निष्कर्ष कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से तय होंगे।
UNGA के दौरान सामने आया मामला
शहबाज शरीफ संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में भाग लेने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। इसी दौरान पत्रकारों के सवालों का यह वीडियो सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री दोनों सवालों का उत्तर दिए बिना आगे बढ़ते हुए दिखाई देते हैं। इस घटना के बाद हाफिज सईद और पाकिस्तान की आतंकवाद नीति पर चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है।
इस घटनाक्रम में सबसे स्पष्ट तथ्य यह है कि पत्रकारों द्वारा पूछे गए दोनों सवालों पर शहबाज शरीफ ने कोई उत्तर नहीं दिया। पाकिस्तान सरकार की ओर से इस विशेष मुद्दे पर कोई अलग स्पष्टीकरण आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।