शरद पवार ने मोदी से सर्वदलीय बैठक की मांग की, पश्चिम एशिया संकट पर चिंता जताई
पश्चिम एशिया संकट पर शरद पवार की चिंताएं
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि वे पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करें। पवार ने अपने एक बयान में कहा कि हाल के संघर्षों के चलते प्रधानमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं के दीर्घकालिक आर्थिक परिणाम हो सकते हैं, जिससे नागरिकों, व्यवसायों और निवेशकों में चिंता बढ़ गई है।
प्रधानमंत्री की घोषणाओं का प्रभाव
पवार ने बताया कि मध्य पूर्व में अस्थिरता के कारण, मोदी ने हाल ही में कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इन घोषणाओं का देश की अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इन घोषणाओं की अचानक प्रकृति ने आम जनता और उद्योग जगत में बेचैनी का माहौल पैदा कर दिया है। एनसीपी प्रमुख ने प्रधानमंत्री से सभी राजनीतिक दलों के नेताओं से परामर्श करने का अनुरोध किया।
सर्वदलीय बैठक की आवश्यकता
पवार ने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए, प्रधानमंत्री को अपनी अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय हित से जुड़े मामलों में सभी दलों के नेताओं को शामिल करना देश के विकास के लिए आवश्यक है। इसके अलावा, केंद्र को अर्थशास्त्रियों से परामर्श कर स्थिति का व्यापक आकलन करना चाहिए।
सरकार की प्राथमिकताएं
वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जनता में विश्वास और स्थिरता का निर्माण सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। उनकी टिप्पणियां प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सिकंदराबाद में नागरिकों से की गई अपील के बाद आई हैं, जिसमें उन्होंने घर से काम करने, ईंधन की खपत कम करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की सलाह दी थी।