शरद पवार का NCP मानसून सत्र में मोदी सरकार के प्रस्तावों का समर्थन कर सकती है
राजनीतिक हलचल का नया दौर
संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले, देश और महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर से हलचल देखने को मिल रही है। सूत्रों के अनुसार, शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) इस सत्र में मोदी सरकार के दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों—महिला आरक्षण और परिसीमन बिल का समर्थन कर सकती है। यह कदम रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उम्मीद है कि शरद पवार गुट बिना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में शामिल हुए इन कानूनों के पक्ष में मतदान करेगा।
NDA में शामिल हुए बिना समर्थन
सूत्रों के मुताबिक, शरद पवार गुट का NDA में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है। इसके बजाय, पार्टी इन बिलों पर मुद्दों के आधार पर सरकार का समर्थन कर सकती है। वर्तमान में NCP (शरद पवार गुट) के पास आठ सांसद हैं।
पार्टी के अंदर मतभेद
सूत्रों ने यह भी बताया कि शरद पवार गुट का एक हिस्सा सत्ताधारी सरकार के साथ निकटता से सहयोग करने का समर्थन कर रहा है। हालांकि, पार्टी नेतृत्व ने आंतरिक मतभेदों और संगठन में संभावित विभाजन से बचने के लिए केवल प्रस्तावित बिलों का समर्थन करने की सीमित रणनीति अपनाई है।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम
यदि शरद पवार गुट इन दो बिलों का समर्थन करता है, तो इससे NDA को राजनीतिक मजबूती मिल सकती है, भले ही वे गठबंधन का हिस्सा न हों। यह घटनाक्रम NCP (शरद पवार गुट) के व्यावहारिक और मुद्दों पर आधारित रुख का संकेत भी हो सकता है, साथ ही वे अपनी स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाए रखेंगे। 2023 में, NCP दो गुटों में विभाजित हो गई थी, जब पूर्व डिप्टी CM अजित पवार और कई विधायकों ने शरद पवार का साथ छोड़कर सत्ताधारी महायुति से हाथ मिला लिया।
शरद पवार की राजनीतिक रणनीति पर चर्चा
मंगलवार को NCP के दोनों गुटों के वरिष्ठ नेताओं और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बीच हुई देर रात की बैठकों ने शरद पवार के अगले राजनीतिक कदम और पार्टी के भविष्य को लेकर नई अटकलें शुरू कर दी हैं।
बैठकों का एजेंडा रहस्य में
इन बैठकों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी न होने के कारण, राजनीतिक हलकों में चर्चाओं के उद्देश्य को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ इसे NCP के अंदर की दूरियों को कम करने की कोशिश मानते हैं, जबकि अन्य इसे नए राजनीतिक गठजोड़ का संकेत मानते हैं।
मानसून सत्र की शुरुआत
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। सरकार इस सत्र में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक लाने की योजना बना रही है, जिसमें लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने और परिसीमन की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव है।