शंकराचार्य ने मोहन भागवत को विवाह और जनसंख्या बढ़ाने की सलाह दी
बरेली में शंकराचार्य का बयान
बरेली: देवभूमि इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट डोहरा रोड़ में पहुंचे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के तीन बच्चों के जन्म पर दिए गए बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने भागवत को विवाह करने और जनसंख्या बढ़ाने की सलाह दी। शंकराचार्य ने कहा कि जब सरकार जनसंख्या विस्फोट की बात कर रही है, तो भागवत और उनके अनुयायियों को खुद शादी करके बच्चे पैदा करने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरों पर बोझ डालने के बजाय पहले खुद को उदाहरण बनाना चाहिए।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि समाज को मार्गदर्शन देने वाले व्यक्तियों को अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि यदि हिंदुओं की संख्या बढ़ाने की चिंता है, तो मोहन भागवत को भी विवाह कर बच्चों का जन्म देना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने नेताओं से अपील की कि वे धर्म और जनसंख्या जैसे संवेदनशील मुद्दों पर बयान देने से पहले अपने आचरण पर ध्यान दें।
उन्होंने कहा कि जब युद्ध होता है, तो हमेशा दो पक्ष होते हैं, एक न्याय और दूसरा अन्याय का। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज अमेरिका और इजराइल एक पक्ष हैं, जबकि ईरान दूसरे पक्ष पर है। शंकराचार्य ने यह भी कहा कि भारत ने कभी भी युद्ध में किसी का साथ नहीं दिया है। यह पहली बार है कि प्रधानमंत्री के मौन के कारण लोगों में यह सवाल उठ रहा है कि वे शायद किसी के पक्ष में हैं।
बरेली को धर्म नगरी बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के विद्वानों ने हमेशा सनातन धर्म को बनाए रखा है। शंकराचार्य ने कहा कि वे वाराणसी से दिल्ली होते हुए ऋषिकेश जा रहे हैं, जहां भगवान बद्रीनाथ जी का ग्रीष्मकालीन पट खुलने वाला है।
उन्होंने गो-माता की रक्षा के मुद्दे पर भी बात की और कहा कि उन्होंने सरकार को इस विषय पर कानून लाने के लिए समय दिया था, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उन्होंने विपक्ष के नेताओं से अपील की कि वे गो-माता के मुद्दे पर वोट करने के लिए लोगों को प्रेरित करें।