विश्व तंबाकू निषेध दिवस: तंबाकू के स्वास्थ्य पर प्रभाव और छोड़ने के उपाय
विश्व तंबाकू निषेध दिवस
तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक हो सकता है। इसके दुष्प्रभाव समय के साथ स्पष्ट होते हैं। तंबाकू और धूम्रपान न केवल मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं, बल्कि शारीरिक स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर डालते हैं। इसके बावजूद, विश्वभर में बड़ी संख्या में लोग विभिन्न रूपों में तंबाकू का सेवन कर रहे हैं। बीड़ी, सिगरेट और गुटखा जैसे उत्पादों के उपयोग से कैंसर और फेफड़ों से संबंधित कई समस्याएं बढ़ रही हैं।
धूम्रपान के स्वास्थ्य पर प्रभाव
धूम्रपान से धमनियों में कमजोरी आ जाती है, जिससे कोरोनरी हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि धूम्रपान वैश्विक स्तर पर हार्ट अटैक के मामलों में वृद्धि का एक संभावित कारण है।
धूम्रपान छोड़ने में कठिनाई
तंबाकू में मौजूद निकोटीन एक अत्यधिक नशे की लत वाला पदार्थ है। जब कोई व्यक्ति सिगरेट का सेवन करता है, तो धुआं फेफड़ों से होते हुए कुछ ही सेकंड में मस्तिष्क तक पहुंचता है, जिससे डोपामाइन का स्राव होता है, जो व्यक्ति को अच्छा महसूस कराता है।
निकोटिन छोड़ने पर होने वाले शारीरिक बदलाव
जब कोई व्यक्ति धूम्रपान छोड़ने की कोशिश करता है, तो उसका शरीर और मस्तिष्क इसके खिलाफ प्रतिक्रिया करते हैं, जिसे निकोटीन विड्रॉल कहा जाता है। धूम्रपान बंद करने के कुछ घंटों के भीतर व्यक्ति को घबराहट, चिड़चिड़ापन, और उदासी का अनुभव हो सकता है।
तंबाकू से होने वाली बीमारियाँ
विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू का सेवन कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है, जैसे फेफड़ों का कैंसर, लिवर कैंसर, और हृदय रोग।
धुआं रहित तंबाकू के नुकसान
कई लोग मानते हैं कि धुआं रहित तंबाकू हानिकारक नहीं है, लेकिन यह भी शरीर में प्रवेश कर सकता है और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है।
धूम्रपान छोड़ने के उपाय
- धूम्रपान छोड़ने का निर्णय लेना महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे लागू करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- स्वयं को व्यस्त रखें।
- परिवार का सहयोग प्राप्त करें।
- एक निश्चित समय सीमा निर्धारित करें।
- धीरे-धीरे धूम्रपान कम करें।
- कम पसंदीदा ब्रांड का चयन करें।
- निकोटिन थेरेपी का उपयोग करें।
- बिहेवियरल थेरेपी से भी सहायता प्राप्त करें।
सरकार की पहल
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, लगभग 1.3 अरब लोग तंबाकू का उपयोग करते हैं, जिनमें से अधिकांश निम्न और मध्यम आय वाले देशों से हैं। इन देशों की सरकारों को तंबाकू की फसलों पर सब्सिडी समाप्त करनी चाहिए।
वैश्विक प्रतिबंध
50 से अधिक देशों ने फ्लेवर्ड तंबाकू पर प्रतिबंध लगाया है, और कई देशों ने ई-सिगरेट की बिक्री पर रोक लगा दी है।