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विशाखापत्तनम में बाथरूम से निकला विषखोपड़ा, परिवार में मची अफरा-तफरी

विशाखापत्तनम के एक परिवार के बाथरूम में विषखोपड़ा फंस गया, जिससे अफरा-तफरी मच गई। परिवार ने पहले इसे सांप समझा, लेकिन विशेषज्ञों ने इसे सुरक्षित रूप से बाहर निकाला। जानें इस रोचक घटना के बारे में और विषखोपड़ा के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी।
 

विशाखापत्तनम में अजीब घटना


विशाखापत्तनम। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में स्थित स्टील प्लांट क्वार्टर में एक परिवार के बाथरूम में एक बड़े जीव के फंसे होने की घटना ने सभी को चौंका दिया। परिवार के सदस्यों ने पहले सोचा कि यह एक सांप है, जिसके बाद उन्होंने तुरंत बाथरूम को बंद कर दिया और सांप पकड़ने वाले को बुलाने का निर्णय लिया।


यह घटना सेक्टर-8 के स्टील प्लांट क्वार्टर की है। परिवार के लोग बाथरूम से अजीब आवाजें सुन रहे थे। जब उन्होंने जांच की, तो उन्हें कमोड के अंदर एक सांप जैसा जीव दिखाई दिया, जिससे वे घबरा गए।


विशेषज्ञों के मौके पर पहुंचने पर कमोड की जांच की गई, और पता चला कि यह सांप नहीं, बल्कि विषखोपड़ा (मॉनिटर लिजार्ड) था। उसे संकरी जगह से निकालना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन लगभग एक घंटे की मेहनत के बाद उसे सुरक्षित रूप से बाहर निकाल लिया गया।


विषखोपड़ा के सफल रेस्क्यू के बाद परिवार और आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली। विशेषज्ञों के अनुसार, विषखोपड़ा की कुछ प्रजातियां 5 से 6 फीट लंबी हो सकती हैं और यह तेजी से दौड़ने, पेड़ों पर चढ़ने और तैरने में सक्षम होती हैं। सामान्यतः यह इंसानों पर हमला नहीं करता, लेकिन खतरा महसूस होने पर आक्रामक हो सकता है।


वन्यजीव विशेषज्ञों ने बताया कि विषखोपड़ा भारत में संरक्षित वन्यजीवों की श्रेणी में आता है। वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत इसका शिकार, पकड़ना, मारना, अंडों का संग्रह करना या तस्करी करना दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर तीन से सात वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।