×

विवाह में देरी के कारण और समाधान

किसी भी माता-पिता के लिए बच्चों की शादी में देरी चिंता का विषय हो सकता है। इस लेख में विवाह में देरी के विभिन्न कारणों जैसे मांगलिक दोष, ग्रहों की स्थिति और अन्य ज्योतिषीय कारणों पर चर्चा की गई है। साथ ही, विवाह में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए प्रभावी उपाय भी बताए गए हैं। जानें कैसे सरल उपायों से आप अपने या अपने प्रियजनों के विवाह में आ रही बाधाओं को समाप्त कर सकते हैं।
 

विवाह में देरी का मुद्दा


बच्चों की शादी में देरी किसी भी माता-पिता के लिए चिंता का विषय बन जाती है। विवाह में देरी के कई कारण हो सकते हैं, जैसे कुंडली में दोष, मांगलिक दोष, ग्रहों की स्थिति या पितृदोष। ये समस्याएं रिश्तों में बाधा डाल सकती हैं, जिससे योग्य वर या कन्या की तलाश में कठिनाई होती है। ज्योतिषियों के अनुसार, इन समस्याओं का समाधान करना आवश्यक है।


विवाह में देरी के कारण

मांगलिक दोष: मांगलिक दोष विवाह में देरी का एक प्रमुख कारण है। यदि किसी की कुंडली में यह दोष है, तो इसे दूर करना आवश्यक है। मांगलिक जातक का विवाह भी एक मांगलिक जातक से होना चाहिए ताकि इस दोष का प्रभाव कम हो सके।


सप्तमेश का बलहीन होना: यदि सप्तम भाव का स्वामी दुष्ट ग्रहों से प्रभावित है या नीच राशि में है, तो यह विवाह में देरी का कारण बन सकता है।


बृहस्पति ग्रह का बलहीन होना: बृहस्पति का कमजोर होना भी विवाह में बाधा डाल सकता है। यदि यह ग्रह दुष्ट ग्रहों से प्रभावित है या नीच राशि में है, तो जातक को विवाह में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।


शुक्र का नीच होना: यदि शुक्र कमजोर है, तो जातक के जीवन में कोई भी कार्य पूर्ण नहीं हो पाता, जिससे विवाह में बाधाएं आती हैं।


नवांश कुंडली में दोष: नवांश कुंडली में दोष होने पर भी विवाह में रुकावटें आ सकती हैं। यह कुंडली जीवन साथी के बारे में सटीक जानकारी देती है।


विवाह बाधा निवारण उपाय

बृहस्पति की पूजा से विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त हो सकती हैं। गुरुवार का दिन इस पूजा के लिए विशेष महत्व रखता है।


गुरुवार को बृहस्पति देव को पीले रंग की वस्तुएं चढ़ानी चाहिए, जैसे हल्दी, पीले फल, और पीले फूल। इसके अलावा, विवाह की इच्छा रखने वाले युवाओं को इस दिन व्रत रखना चाहिए।


यदि किसी लड़की की शादी में देरी हो रही है, तो उसे शुक्रवार को सफेद और गुरुवार को पीले कपड़े पहनने चाहिए। चार सप्ताह तक यह करने से अच्छे प्रस्ताव मिलने की संभावना बढ़ जाती है।


नहाने के पानी में हल्दी मिलाकर स्नान करने से भी विवाह योग्य लोगों की शादी में तेजी आ सकती है।


लड़कियों को योग्य वर की प्राप्ति के लिए सोलह सोमवार का व्रत करना चाहिए और भगवान शिव को बेलपत्र या भांग के पत्ते चढ़ाने चाहिए।


किसी रिश्तेदार की शादी में मेहंदी की रस्म में भाग लेना भी शुभ होता है। दुल्हन को मेहंदी लगाना और उसकी बची मेहंदी अपने हाथों में लगाना कन्याओं के लिए लाभकारी होता है।