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विपक्षी दलों की INDIA ब्लॉक बैठक में चुनाव आयोग पर उठे सवाल

30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए और 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग तक मार्च निकालने का निर्णय लिया। इस बैठक में SIR प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग की है। जानें इस महत्वपूर्ण बैठक के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा

नई दिल्ली में 30 सितंबर 2026 को आयोजित INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से संबंधित मुद्दों पर अपनी रणनीति पर विचार किया। इस बैठक में चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। रिपोर्टों के अनुसार, विपक्ष ने 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर मार्च निकालने का निर्णय लिया है।


खड़गे ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए

कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। इससे पहले कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी खड़गे ने SIR प्रक्रिया और मतदाता सूची से संबंधित जानकारी में पारदर्शिता की मांग की थी।


खड़गे ने CEC ज्ञानेश कुमार के बारे में तीखी राजनीतिक टिप्पणी की और उनके इस्तीफे की मांग की। यह खड़गे का राजनीतिक आरोप है, जिसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।


SIR पर विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद

विपक्षी दलों की आपत्ति मुख्य रूप से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर है। उनका कहना है कि मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी होनी चाहिए और प्रभावित मतदाताओं को पर्याप्त जानकारी और अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर मिलना चाहिए।


चुनाव आयोग ने SIR को चुनावी सूची को अपडेट और सत्यापित करने की प्रक्रिया के रूप में प्रस्तुत किया है। इस मुद्दे पर विपक्ष और आयोग के बीच राजनीतिक और कानूनी मतभेद बने हुए हैं।


विपक्ष की बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा

INDIA ब्लॉक की बैठक में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक रूप से आगे बढ़ने की योजना बनाई। रिपोर्टों के अनुसार, 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग की ओर मार्च के अलावा लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने की रणनीति पर भी विचार किया गया।


कांग्रेस पहले से ही संसद और अन्य मंचों पर SIR और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अपने सवाल उठाती रही है। 29 सितंबर को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में भी इन मुद्दों पर प्रस्ताव और आगे के आंदोलन पर चर्चा हुई थी।


चुनावी प्रक्रिया पर बढ़ी राजनीतिक बहस

SIR को लेकर विवाद उस समय सामने आया है जब कई राज्यों में आगामी चुनावों की तैयारियां चल रही हैं। विपक्षी दल चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े आंकड़ों की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग कर रहे हैं।


दूसरी ओर, चुनाव आयोग की भूमिका और प्रक्रिया को लेकर उठाए जा रहे आरोप राजनीतिक दलों के दावे हैं। इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित आधिकारिक प्रक्रियाओं और कानूनी फैसलों के आधार पर ही निकाला जा सकता है।


अब 6 अक्टूबर के प्रस्तावित मार्च और उससे पहले विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले अगले कदमों पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी।