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विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर फिर से गंभीर आरोप लगाए

ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट ने बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि गोंडा में होने वाले कुश्ती टूर्नामेंट में भाग लेना उनके लिए मुश्किल हो सकता है। विनेश ने बताया कि वह उन छह पीड़ितों में से एक हैं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी। उनका मामला अभी अदालत में चल रहा है। इस बयान ने भारतीय कुश्ती जगत में नया विवाद खड़ा कर दिया है। क्या सरकार इस मामले में कोई कदम उठाएगी? जानें पूरी जानकारी।
 

विनेश फोगाट का नया आरोप

भारत की प्रसिद्ध ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए कहा कि वह 10 से 12 मई के बीच गोंडा, उत्तर प्रदेश में आयोजित होने वाले सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट में भाग लेने को लेकर चिंतित हैं।


पीड़ितों में शामिल

विनेश ने बताया कि वह उन छह पीड़ितों में से एक हैं जिन्होंने बृजभूषण के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, और उनका मामला अभी भी अदालत में चल रहा है। उन्होंने कहा कि गोंडा में होने वाला टूर्नामेंट उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि वहां बृजभूषण का प्रभाव बहुत अधिक है।


बृजभूषण का प्रभाव

वीडियो में विनेश ने कहा, “बृजभूषण का घर गोंडा में है, और वहां उनका प्राइवेट कॉलेज है। मेहनत करने वाले खिलाड़ियों को वहां अपने हक की उम्मीद नहीं होनी चाहिए। पूरी व्यवस्था बृजभूषण और उनके समर्थकों द्वारा नियंत्रित की जाएगी। सरकार और खेल मंत्रालय इस मामले में चुप हैं।”


प्रतियोगिताओं में वापसी

विनेश ने आगे कहा कि पिछले डेढ़ साल से वह रेसलिंग से दूर थीं, लेकिन अब वह प्रतियोगिताओं के लिए तैयार हो रही हैं। उनका लक्ष्य देश के लिए मेडल जीतना है, और वह तिरंगे की मान बनाए रखने के लिए पूरी मेहनत कर रही हैं।


अदालत में मामला

विनेश ने अपने वीडियो में यह भी बताया कि उन्होंने तीन साल पहले बृजभूषण पर महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे, और यह मामला अब भी अदालत में चल रहा है। उन्होंने कहा, “यह मामला सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत है, और मैं उन छह महिला पहलवानों में से एक हूं जिन्होंने शिकायत दी थी।”


नया विवाद

विनेश के इस बयान ने भारतीय कुश्ती जगत में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है, और अब यह देखना होगा कि क्या खेल मंत्रालय और सरकार इस मामले में कोई कार्रवाई करेंगी।