विधानसभा चुनावों की मतगणना शुरू, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
मतगणना की प्रक्रिया
तमिलनाडु, असम, केरल, पुडुचेरी और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के बाद सोमवार को मतों की गिनती का कार्य आरंभ हो गया है। पहले मतपत्रों की गिनती की जाएगी, इसके बाद ईवीएम खोले जाएंगे। दोपहर तक परिणाम स्पष्ट होने की संभावना है। यह मतगणना तृणमूल कांग्रेस, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और वाम दलों के लिए महत्वपूर्ण है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के लिए तीन स्तरीय व्यवस्था की गई है।
सुरक्षा उपाय
निर्वाचन आयोग ने पहली बार ईसीआईएनईटी के माध्यम से क्यूआर कोड आधारित फोटो पहचान पत्र प्रणाली लागू की है ताकि मतगणना केंद्रों में अनधिकृत प्रवेश रोका जा सके। पश्चिम बंगाल में 293 विधानसभा सीटों के लिए 77 केंद्रों पर मतगणना की जाएगी, जहां अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मतगणना के दिन तृणमूल कांग्रेस और भाजपा ने वोटों में हेरफेर की आशंका जताई है।
चुनाव की स्थिति
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस लगातार चौथी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है, जबकि भाजपा मुख्य विपक्षी दल के रूप में चुनौती दे रही है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और कांग्रेस अपनी स्थिति सुधारने की कोशिश कर रही हैं। निर्वाचन आयोग ने इस बार मतगणना केंद्रों की संख्या 87 से घटाकर 77 कर दी है।
असम और केरल में चुनाव
असम में भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की उम्मीद कर रहा है। राज्य में 126 विधानसभा सीटों के लिए 722 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। वहीं, केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाला संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (एलडीएफ) को सत्ता से बाहर करने की कोशिश कर रहा है।
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम
तमिलनाडु में द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अपने मुख्य प्रतिद्वंद्वी अन्नाद्रमुक के अलावा नई पार्टियों के साथ चुनावी मुकाबला कर रही है। राज्य में 62 मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
अन्य राज्यों में मतगणना
पुडुचेरी में छह मतगणना केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां विभिन्न पार्टियों के बीच मुकाबला होगा। इसके अलावा, गोवा, कर्नाटक, नगालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र में भी उपचुनावों की मतगणना होगी।