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विदिशा की बेटियों का गणतंत्र दिवस परेड में चयन, जिले में खुशी की लहर

विदिशा की बेटियों, सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा और लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार का चयन गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए हुआ है। इस उपलब्धि ने विदिशा जिले में खुशी की लहर पैदा कर दी है। इन कैडेट्स ने कठिन चयन प्रक्रिया को पार किया है, जिसमें शारीरिक दक्षता और मानसिक मजबूती की परीक्षा शामिल थी। जानें कैसे ये बेटियां सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर पहुंची हैं और उनके मार्गदर्शक कौन हैं।
 

गणतंत्र दिवस परेड में विदिशा की बेटियों की भागीदारी

विदिशा, नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस परेड में इस बार विदिशा की बेटियों की भी उपस्थिति देखने को मिलेगी। राजमाता विजया राजे सिंधिया शासकीय कन्या (अग्रणी) स्नातकोत्तर महाविद्यालय की एनसीसी कैडेट्स, सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा और लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार का चयन गणतंत्र दिवस परेड 2026 के लिए हुआ है।


चयन की कठिन प्रक्रिया

इन दोनों बेटियों के चयन से महाविद्यालय और विदिशा जिले में खुशी का माहौल है। विदिशा की 14 एमपी बटालियन एनसीसी से कुल 5 कैडेट्स का चयन हुआ है, जिनमें से दो कैडेट्स कन्या महाविद्यालय से हैं। यह चयन बालिका सशक्तिकरण और अनुशासनात्मक प्रशिक्षण की मजबूती को दर्शाता है। चयन की प्रक्रिया में शारीरिक दक्षता, ड्रिल, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और मानसिक मजबूती की कड़ी परीक्षा ली गई।


संसाधनों की कमी के बावजूद सफलता

कैडेट्स सार्जेंट दामिनी विश्वकर्मा बीसीएसी तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, जो दीवानगंज क्षेत्र के ग्राम अंबाड़ी से आती हैं और कृषक परिवार से संबंधित हैं। वहीं, लांस कॉरपोरल सिमरन अहिरवार बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं, जो विदिशा जिले के दूरस्थ ग्राम नरखेड़ा ताल से हैं। सिमरन वर्तमान में विदिशा के पोस्ट मैट्रिक छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचना उनकी मेहनत और आत्मविश्वास का प्रमाण है।


मार्गदर्शन का महत्व

एनसीसी के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विकास गुप्ता (शौर्य चक्र) और प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल सनी वैद्य के मार्गदर्शन में दोनों कैडेट्स ने लगातार दो महीने तक आरडीसी चयन प्रक्रिया में भाग लिया। विभिन्न प्रशिक्षण शिविरों और कैंपों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद उनका अंतिम चयन हुआ। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी.डी. अहिरवार और एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट डॉ. विनीता प्रजापति ने इस उपलब्धि को छात्राओं की अनुशासनप्रियता, समर्पण और निरंतर परिश्रम का परिणाम बताया।