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वाराणसी में मनीष सिंह हत्या मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में मनीष सिंह हत्या मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी एक मुठभेड़ के दौरान हुई, जिसमें आरोपियों के पैर में गोली लगी। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार थे और उन पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। मनीष सिंह की हत्या के पीछे की कहानी भी चौंकाने वाली है, जिसमें कई लोग शामिल थे। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

मनीष सिंह हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित फूलपुर थाना क्षेत्र के घमहापुर गांव में 26 अप्रैल को हुए मनीष सिंह हत्याकांड में शामिल पांच फरार आरोपियों में से दो को पुलिस ने एक मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी आशीष राजभर और मनीष राजभर, जो भाई हैं, पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार थे। एसओजी और फूलपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली।


गिरफ्तारी के दौरान मुठभेड़

एसओजी प्रभारी गौरव कुमार सिंह को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी करखियांव इंडस्ट्रीयल एरिया में छिपे हुए हैं। जब पुलिस ने उन्हें समर्पण करने के लिए कहा, तो उन्होंने गोली चलाकर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी।


गिरफ्तारी से पहले का घटनाक्रम

मनीष सिंह की हत्या के बाद, दोनों आरोपी खालिसपुर गांव में छिप गए थे। जब एसओजी उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश देने गई, तो गांव के लोगों ने पुलिस टीम को बंधक बना लिया, जिससे आशीष और मनीष भागने में सफल हो गए। इसके बाद इन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया, जो बाद में बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया गया।


मनीष सिंह की हत्या का विवरण

26 अप्रैल की रात 10:30 बजे, मनीष सिंह नामक एक युवा कारोबारी अपने फैक्ट्री से घर लौट रहा था, तभी उसकी गाड़ी से बिंदु प्रजापति नाम की महिला घायल हो गई। इसके बाद, 18-20 लोगों ने मनीष पर ईंट-पत्थरों से हमला किया और उसे तब तक पीटते रहे जब तक कि वह मर नहीं गया। मृतक के परिजनों की शिकायत पर 9 नामजद और एक दर्जन अज्ञात के खिलाफ थाना फूलपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी।