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वाराणसी में ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़, 13 गिरफ्तार

वाराणसी पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह नेटवर्क महाराष्ट्र के कथित सट्टा संचालक 'मलिक' से जुड़ा हुआ है, जिसने कई सौ करोड़ रुपये का अवैध कारोबार स्थापित किया है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क में शामिल युवा आकर्षक कमीशन के चलते जुड़ रहे हैं। फुटबॉल वर्ल्ड कप जैसे बड़े खेल आयोजनों के मद्देनजर पुलिस इस नेटवर्क के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
 

महाराष्ट्र के सट्टा संचालक की तलाश

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट वर्तमान में महाराष्ट्र के एक संदिग्ध सट्टा संचालक, जिसे 'मलिक' कहा जा रहा है, की खोज में जुटी है। हाल ही में एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है, जिसने कुछ वर्षों में कई सौ करोड़ रुपये का अवैध कारोबार स्थापित किया है। इस नेटवर्क में लगभग डेढ़ लाख युवा शामिल हैं। यह मामला तब उजागर हुआ जब आईपीएल फाइनल के दौरान क्राइम ब्रांच और कैंट पुलिस ने मिलकर कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर टकटकपुर क्षेत्र में एक रिहायशी इलाके में छापेमारी की गई, जहां 13 व्यक्तियों को ऑनलाइन सट्टा संचालित करते हुए पकड़ा गया।


‘मलिक फर्म’ का नाम सामने आया

गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच में यह पता चला कि आरोपी ऑनलाइन प्लेटफार्मों और टेलीग्राम चैनलों के माध्यम से सट्टा चला रहे थे और 'मलिक फर्म' नामक नेटवर्क से जुड़े थे। पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार व्यक्तियों के अलावा, कई छोटे समूह और एजेंट भी इस नेटवर्क के लिए विभिन्न राज्यों में कार्यरत हो सकते हैं। प्रारंभिक जांच से संकेत मिलता है कि यह नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।


कमीशन मॉडल से युवा जुड़ रहे हैं

डीसीपी क्राइम नीतू कादयान के अनुसार, इस नेटवर्क में शामिल व्यक्तियों को आकर्षक कमीशन दिया जाता था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार गिरोह को एक महीने में लगभग 18 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था, जो कि कमीशन मॉडल के तहत था। जांच एजेंसियों का अनुमान है कि यदि यह नेटवर्क इसी तरह कार्य करता रहा, तो इसका कारोबार कई सौ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में युवा इस नेटवर्क से जुड़ते जा रहे हैं.


हवाला, क्रिप्टो और रियल एस्टेट कनेक्शन की जांच

पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि सट्टेबाजी से होने वाली आय को हवाला के माध्यम से अन्य निवेशों में लगाया जाता था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इस धन का उपयोग क्रिप्टोकरेंसी, रियल एस्टेट और भूमि के कारोबार में भी किया गया हो सकता है। गिरफ्तार 13 आरोपियों में वाराणसी, महाराष्ट्र, जयपुर, इटावा और जौनपुर के लोग शामिल हैं। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड 'मलिक' तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।


फुटबॉल वर्ल्ड कप से पहले पुलिस की चिंता

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में फुटबॉल वर्ल्ड कप जैसे बड़े खेल आयोजनों की शुरुआत होने वाली है। ऐसे आयोजनों के दौरान ऑनलाइन सट्टेबाजी गतिविधियों में वृद्धि की संभावना रहती है। इसी कारण पुलिस 'मलिक' तक जल्दी पहुंचने की कोशिश कर रही है और पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।