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लोकसभा में हंगामे के बीच 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़' बिल पास

मानसून सत्र के 14वें दिन, लोकसभा ने विपक्ष के हंगामे के बीच 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़' बिल को बिना किसी चर्चा के पारित किया। अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विपक्ष ने हंगामा किया। इस दौरान, राज्यसभा ने विनियोग विधेयक को भी मंजूरी दी। जानें संसद में और क्या हुआ और कैसे विपक्ष ने अपनी आवाज उठाई।
 

संसद में हंगामे के बीच महत्वपूर्ण विधेयक पारित

मानसून सत्र के 14वें दिन, अयोध्या में राम मंदिर में दान की चोरी के आरोपों और अन्य मुद्दों पर विपक्ष के हंगामे के कारण लोकसभा ने बिना किसी चर्चा के 'टैक्सेशन एंड अदर लॉज़ (अमेंडमेंट) बिल' को मंजूरी दे दी। इस विधेयक के माध्यम से सरकार ने 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' में संशोधन किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया गया। राज्यसभा ने विनियोग (संख्या 3) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी, जिसका उद्देश्य भारत की संचित निधि से धन निकालने की अनुमति देना है, ताकि 31 मार्च, 2023 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के दौरान कुछ सेवाओं पर खर्च की गई राशि का भुगतान किया जा सके।


आज की घटनाएँ

राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू से कहा कि वह सदन में गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति की मांग कर रहे विपक्ष की भावनाओं से उन्हें अवगत कराएं। यह टिप्पणी सभापति ने उस समय की, जब दोपहर 12 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने के तुरंत बाद प्रश्नकाल के दौरान हंगामा हो रहा था। विपक्षी सदस्य अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के बारे में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग कर रहे थे, जबकि सत्ता पक्ष के सदस्य इसका विरोध कर रहे थे।


सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को अपनी बात रखने के लिए आमंत्रित किया, जिस पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने आपत्ति जताई, जिससे दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। खरगे ने कहा कि क्या मुझे वही पढ़ना चाहिए जो आप (रीजीजू) देते हैं? यह मेरा अधिकार है कि मैं क्या बोलूं, कब बोलूं और कैसे बोलूं। रिजिजू ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता पिछले सात दिनों से यही मुद्दा उठा रहे हैं और नियम इस तरह के निर्देश की इजाज़त नहीं देते हैं। उन्होंने कहा कि आप चेयर को निर्देश नहीं दे सकते, और जोड़ा कि विपक्ष के नेता सदन को अपनी शर्तें नहीं थोप सकते।


अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों पर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी (सपा) समेत कई विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण बृहस्पतिवार को लोकसभा की कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। सदन ने विपक्ष के हंगामे के बीच ही ‘कराधान एवं अन्य विधियां संशोधन विधेयक, 2026’ को चर्चा के बिना पारित कर दिया। मानसून सत्र की शुरुआत से सदन में एक भी दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं हो सके हैं।


लोकसभा ने हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम हमलों की बरसी पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की और परमाणु हथियारों के उन्मूलन तथा वैश्विक शांति एवं सौहार्द के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।