लोकसभा में हंगामे के बीच कई विधेयक पेश, कार्यवाही स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित
सोमवार को राम मंदिर में कथित चढ़ावे की चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई। यह स्थगन एक बार के लिए हुआ। विपक्ष के हंगामे के बीच, सरकार ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026, और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। संसद का मानसून सत्र इस सप्ताह भी पिछले तीन हफ्तों की तरह ही हंगामेदार रहा।
विपक्ष का हंगामा
जब कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सदस्य अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के खिलाफ और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करने लगे। इस दौरान आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन ने प्रश्नकाल शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन हंगामे के कारण उन्हें बैठक स्थगित करनी पड़ी। सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे।
विधेयकों का पेश होना
पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए। हालांकि, ये विधेयक केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे।
सदन की स्थगन
इस दौरान विपक्ष के सदस्य ‘गृह मंत्री कहां हैं’ के नारे लगाते रहे। पीठासीन सभापति ने विधेयकों के पेश होने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम पुकारे, लेकिन नारेबाजी जारी रही। अंततः, हंगामा थमने के बजाय बढ़ता गया, जिसके कारण उन्होंने दोपहर 12 बजकर 14 मिनट पर सदन की बैठक को अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दिया।