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लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का विधेयक पारित

सोमवार को लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का विधेयक पारित किया, जो लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया कदम है। इसके साथ ही, संसद में हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित रही। भारतीय खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए बधाई दी गई। वित्त मंत्री ने एक नया विधेयक पेश किया, जिसका उद्देश्य डिजिटल बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करना है। जानें और भी महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे में।
 

सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या में वृद्धि

सोमवार को लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से संबंधित संशोधन विधेयक को मंजूरी दी। यह विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा, जिसके तहत न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी। यह कदम लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया गया।


राज्यसभा ने भी ध्वनि मत से 'सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक' को पारित किया। हालांकि, दोनों सदनों में हंगामा जारी रहा।


संसद में हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित

राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दों को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विभिन्न विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही बाधित रही। दो बार स्थगन के बाद, बैठक अपराह्न दो बजे के बाद दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।


वहीं, नीट प्रश्नपत्र लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के कारण राज्यसभा की बैठक भी एक बार स्थगित होने के बाद पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।


भारतीय खिलाड़ियों को बधाई

ग्लासगो में संपन्न 23वें राष्ट्रमंडल खेलों में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय खिलाड़ियों को संसद के दोनों सदनों में बधाई दी गई। लोकसभा में अध्यक्ष ओम बिरला ने इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों का जिक्र किया। राज्यसभा में सभापति सी पी राधाकृष्णन ने भारतीय दल की उपलब्धियों को देश के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि ये नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बनेंगी।


वित्त मंत्री का नया विधेयक

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बैंककार बही साक्ष्य विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य अदालतों में डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में स्वीकार करने की प्रक्रिया को आधुनिक बनाना है। यह विधेयक 125 वर्ष पुराने बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम, 1891 का स्थान लेगा।


राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर

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