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लेबनान और ईरान के बीच बढ़ती तनाव की कहानी

लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह अपने अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान को एक सौदे का औजार बना रहा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि यदि ऐसा होता, तो पहले ही समझौता हो चुका होता। यह विवाद उस समय बढ़ा है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है, और लेबनान ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच फंसा हुआ है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

लेबनान और ईरान के बीच विवाद


लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह अपने अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान को "सौदे का औजार" बना रहा है। इस पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता, तो तेहरान पहले ही एक समझौता कर चुका होता। अरागची ने लेबनान के नेतृत्व से अपील की कि वे देश को उसके असली दुश्मन से बचाएं।


जोसेफ औन ने सीएनएन के साथ एक साक्षात्कार में कहा, "यह तुम्हारा देश नहीं है, यह हमारा देश है... (ईरान) अमेरिका के साथ बातचीत में लेबनान का उपयोग कर रहा है।" उन्होंने यह भी कहा कि लेबनानी लोग शांति में जीने के हकदार हैं और उन्हें हर पांच से दस साल में अपने घरों को नष्ट होते नहीं देखना चाहिए।


यह विवाद उस समय बढ़ा है जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है, और लेबनान ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच फंसा हुआ है।


मध्य पूर्व में तनाव की वृद्धि

मध्य पूर्व में तनाव फिर से बढ़ गया है, जब ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने "क्षेत्र में दुश्मन के ठिकानों" पर मिसाइल हमले करने का दावा किया। यह कार्रवाई अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट ईरानी लक्ष्यों पर की गई सैन्य कार्रवाई के जवाब में की गई।


अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने पहले घोषणा की थी कि अमेरिकी बलों ने होर्मुज जलडमरूमध्य की ओर चार ईरानी एकतरफा हमले वाले ड्रोन को रोक दिया।