×

लखनऊ में भयानक आग: 15 लोगों की जान गई, छात्रों ने बाथरूम में शरण ली

लखनऊ में एक कमर्शियल बिल्डिंग में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई। घटना के दौरान छात्रों ने बाथरूम में शरण ली और कई ने खिड़कियों से कूदकर जान बचाने की कोशिश की। स्थानीय लोगों ने भी मदद के लिए आगे बढ़कर काँच की खिड़कियाँ तोड़ीं। इस त्रासदी में एक एनिमेशन स्टूडियो का कर्मचारी आदित्य श्रीवास्तव भी शामिल था, जिसकी माँ ने समय पर मदद न मिलने पर दुख व्यक्त किया। जानें इस भयानक घटना की पूरी कहानी।
 

लखनऊ की कमर्शियल बिल्डिंग में आग का कहर

"कृपया, मुझे बचा लो"... यह करुण पुकार लखनऊ के एक व्यावसायिक भवन से आई, जहाँ एक एनिमेशन प्रशिक्षण केंद्र स्थित था। आग और धुएँ ने ऊपरी मंजिलों को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे वहाँ छात्र और युवा पेशेवर फँस गए थे।  दिन के अंत तक, शहर में हाल के वर्षों की सबसे भयानक आग की घटनाओं में से एक में 15 लोगों की जान चली गई।  शुरुआत में, कई लोगों ने इसे सामान्य आगजनी समझा, लेकिन यह जल्द ही एक बड़ी त्रासदी में बदल गई। सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो सामने आने लगे, जिनमें लोग खिड़कियों से लटके हुए और मदद के लिए चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे थे, जबकि ऊपरी मंजिलों से काला धुआँ निकल रहा था।


दमकल की तैनाती और बचाव कार्य


जब तक इमरजेंसी सेवाएँ घटनास्थल पर पहुँचीं, तब तक छह दमकल गाड़ियाँ तैनात हो चुकी थीं। कई मंजिलों से आग की लपटें उठ रही थीं और पूरे भवन से घना काला धुआँ निकल रहा था।  प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अंदर से चीखने-चिल्लाने की आवाजें आ रही थीं, जिससे पता चलता था कि कई लोग अभी भी फँसे हुए थे।  एक गवाह ने कहा, "चीखों से साफ़ पता चल रहा था कि कई लोग अभी भी अंदर हैं।"


बचने की कोशिश में छात्रों ने बाथरूम में शरण ली


जैसे-जैसे धुआँ पूरे भवन में फैलने लगा, ऊपरी मंजिलों पर फँसे छात्रों ने बचने की उम्मीद में खुद को बाथरूम में बंद कर लिया। कुछ ने खिड़कियों से भागने की कोशिश की।  तभी एक युवक ने खिड़की खोली और ऊपरी मंजिल से कूद गया। वह नीचे एक ग्रिल पर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।


परिवारों की चिंता और स्थानीय लोगों की मदद


बाहर, घबराहट की जगह बेताबी ने ले ली। जिन परिवारों को अपने प्रियजनों के घबराहट भरे फ़ोन आए थे, वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचे। माताओं ने पुलिस से जलते हुए कॉम्प्लेक्स में जाने देने की गुहार लगाई।  स्थानीय लोगों ने अंदर फँसे लोगों की मदद करने की कोशिश में काँच की खिड़कियाँ तोड़ दीं।


आग से बचकर निकले लोगों की कहानियाँ


आग से बचकर निकले एक व्यक्ति ने बताया कि कैसे वह और अन्य लोग आग की लपटों से बचने के लिए भाग रहे थे।  उसने कहा, "सब कुछ जल रहा था। हम जलते हुए तार के सहारे नीचे कूदे।"


आग में फँसे छात्रों की स्थिति


कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में कई छात्र गर्मी की छुट्टियों में एनिमेशन क्लास ले रहे थे। जैसे-जैसे धुआँ बढ़ता गया, कई छात्रों ने बाथरूम में शरण ली।  एक छात्र ने अपने परिवार वालों को फ़ोन करके बताया कि वे बाथरूम में हैं और मदद का इंतज़ार कर रहे हैं।


आदित्य की कहानी


आदित्य श्रीवास्तव, एक 25 वर्षीय एनिमेशन स्टूडियो का कर्मचारी, भी इस त्रासदी का शिकार हुआ।  उसकी माँ ने कहा, "अगर सही समय पर ध्यान दिया गया होता, तो शायद बच्चों को बचाया जा सकता था।"


स्थानीय लोगों की मदद


पोस्टमॉर्टम हाउस में, आग बुझने के बाद भी हादसे का दुखद असर बना हुआ था। कई लोग अपने प्रियजनों की तस्वीरें लेकर वहाँ पहुँचे थे।  स्थानीय लोग मदद के लिए आगे आए और पीड़ितों के परिवारों के साथ खड़े रहे।