लखनऊ में बिजली उपकेंद्रों की सुरक्षा के लिए PAC की तैनाती
लखनऊ में प्रशासन का कड़ा कदम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अत्यधिक गर्मी के बीच बिजली आपूर्ति और कानून व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। शहर के 31 संवेदनशील बिजली उपकेंद्रों पर प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) के जवानों की तैनाती की जाएगी। यह निर्णय बिजली व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में लिया गया है।
कर्मचारियों की सुरक्षा प्राथमिकता
हाल के दिनों में बिजली कटौती और ट्रिपिंग के कारण उपभोक्ताओं द्वारा उपकेंद्रों पर हंगामा और पथराव की घटनाएं बढ़ गई हैं। इस स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। समीक्षा बैठक में स्पष्ट किया गया कि ऑन-ड्यूटी बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी। PAC की तैनाती का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है ताकि वे बिना किसी डर के अपने कार्य कर सकें।
हंगामा करने वालों पर सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी भीड़ ने बिजली घर का घेराव करने या सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। सभी 31 संवेदनशील उपकेंद्रों पर स्थानीय पुलिस के साथ PAC के जवान चौबीसों घंटे तैनात रहेंगे।
जिलाधिकारी विशाख जी ने शुक्रवार को राजधानी की बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। उन्हें बताया गया कि कुछ अराजक तत्व रात में 31 बिजलीघरों का घेराव कर रहे हैं और बिजली चालू करने में बाधा डाल रहे हैं। इनमें लौलाई, शिवपुरी चिनहट, उतरेटिया, अंबेडकर उपकेंद्र, एफसीआई, बनी, गहरू, सरोसा-भरोसा, राजाजीपुरम ओल्ड व न्यू, आरडीएसओ, दुबग्गा, इंजीनियरिंग कॉलेज, न्यू कैम्पस, जीपीआरए, अहिबरनपुर, विकासनगर, अपट्राॅन, नूरबाड़ी न्यू व ओल्ड, विक्टोरिया, राधा ग्राम, चौपटिया, हुसैनगंज, पुरनिया, जीएसआई शामिल हैं। उन्होंने संवेदनशील बिजलीघरों की रात में निगरानी के लिए निदेशकों और मुख्य अभियंताओं को भी निर्देश दिए।