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लखनऊ में प्रेमी युगल ने वंदे भारत ट्रेन के सामने कूदकर दी जान

लखनऊ में एक प्रेमी युगल ने वंदे भारत ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। 40 वर्षीय सूर्यकांत और 25 वर्षीय दीपाली की पहचान के बाद पता चला कि उनके बीच प्रेम संबंध थे, जो परिवार की स्वीकृति से वंचित थे। इस घटना ने परिवार और समुदाय में हड़कंप मचा दिया है। जानें इस दुखद घटना के पीछे की पूरी कहानी और पुलिस की कार्रवाई के बारे में।
 

दिल दहला देने वाली घटना


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तालकटोरा थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दुखद घटना घटी। आलमनगर स्टेशन के निकट एक प्रेमी युगल ने 'वंदे भारत एक्सप्रेस' के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतकों की पहचान 40 वर्षीय सूर्यकांत और 25 वर्षीय दीपाली के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से अपने घरों से लापता थे।


घटनास्थल का मंजर

यह घटना शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जलालपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास जब तेज गति से वंदे भारत ट्रेन गुजरी, तब दोनों ट्रैक पर आ गए। टक्कर इतनी भयानक थी कि दोनों के शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल मौके पर पहुंचे। आधार कार्ड के जरिए उनकी पहचान की गई और परिजनों को सूचित किया गया।


प्रेम-प्रसंग की उलझन

पुलिस जांच और परिजनों के बयानों से यह स्पष्ट हुआ कि यह मामला प्रेम-प्रसंग से संबंधित था, जिसे सामाजिक और पारिवारिक स्वीकृति नहीं मिल रही थी।


सूर्यकांत (40): निशातगंज के न्यू हैदराबाद का निवासी था, विवाहित और एक 8 साल के बेटे का पिता था। वह आर्मी कैंटीन में काम करता था।


दीपाली (25): अर्जुनगंज की निवासी थी और अविवाहित थी। वह कैंट क्षेत्र में एक निजी दफ्तर में कार्यरत थी।


परिवार की चिंताएँ

बताया गया है कि दोनों के बीच पिछले एक साल से प्रेम संबंध थे। जब सूर्यकांत की पत्नी सविता को इस बारे में पता चला, तो घर में अक्सर विवाद होने लगे। परिवार ने सूर्यकांत को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह दीपाली के साथ अपने रिश्ते को खत्म करने के लिए तैयार नहीं था।


अंतिम बातचीत

7 जनवरी: सूर्यकांत ने अपनी पत्नी और बेटे को उनके मायके छोड़ दिया। इसके बाद वह अपना बैग लेकर घर से निकल गया।


8 जनवरी: दीपाली ने अपने घर से यह कहकर निकली कि वह साइबर कैफे जा रही है, लेकिन वापस नहीं लौटी। उसके पिता ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।


10 जनवरी (शनिवार सुबह): सूर्यकांत ने अपने भाई चंद्रकांत को फोन किया और कहा- 'दुनिया बहुत बड़ी है, हम कहीं भी रह लेंगे।' भाई के समझाने के बावजूद उसने फोन काट दिया।


पुलिस की कार्रवाई

दोपहर करीब 2:00 बजे जब पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दी, तो कोहराम मच गया। परिजनों ने कपड़ों और आधार कार्ड से शवों की पहचान की। एडीसीपी पश्चिम, धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि यह मामला प्रथम दृष्टया प्रेम-प्रसंग के चलते आत्महत्या का प्रतीत होता है। फिलहाल किसी ने एक-दूसरे पर आरोप नहीं लगाया है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और तहरीर मिलने पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।