लखनऊ में करोड़ों की चोरी का खुलासा: हाई-प्रोफाइल गैंग का पर्दाफाश
लखनऊ चोरी मामले का खुलासा
लखनऊ चोरी मामला: उत्तर प्रदेश के लखनऊ और बाराबंकी पुलिस ने लगभग 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी और नकद चोरी के मामले में पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी हाई-प्रोफाइल चोर हैं और इनके पास एक ऑडी कार भी है। ये सभी पॉश इलाकों में विला और अपार्टमेंट में निवास करते हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों का संबंध एलीट सर्कल से है, और गैंग का मुखिया एक रिटायर्ड IRS अधिकारी का बेटा है.
चोरी की घटना का विवरण
इस गैंग का खुलासा एक हाई-प्रोफाइल चोरी की घटना के बाद हुआ, जो लखनऊ की शालीमार पैरेडाइज़ में एक लग्जरी विला में हुई थी। पुलिस ने लगभग 90 प्रतिशत चोरी का सामान बरामद कर लिया है। आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद बाराबंकी जेल भेज दिया गया है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में प्रयागराज के दारागंज निवासी आकाश सिंह उर्फ यश, आजमगढ़ के पृथ्वी प्रताप सिंह, प्रयागराज के जॉर्ज टाउन के ऋत्विक यादव, झूंसी के अनुराग कथूरिया और कोतवाली क्षेत्र के ऋषि सोनी उर्फ चंदन शामिल हैं.
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, वारदात में इस्तेमाल की गई ऑडी कार आकाश सिंह की है, जो एक रिटायर्ड आईआरएस अधिकारी का बेटा है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 57 पीस ज्वेलरी, लगभग 14.85 लाख रुपये नकद, ऑडी कार और एक लाइसेंसी रिवॉल्वर बरामद की है.
अधिकारी की टिप्पणी
बाराबंकी के एसपी अर्पित विजयवर्गीय ने बताया कि ठेकेदार अजय सिंह बघेल ने 30 अप्रैल को चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 19 अप्रैल को परिवार के साथ बाहर जाने से पहले विला बंद कर दिया था। लौटने पर उन्हें लगभग 10 करोड़ रुपये की ज्वेलरी गायब मिली.
चोरी की योजना का खुलासा
जांच में सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि आकाश सिंह ने पहले पड़ोस के विला में रहकर इलाके की रेकी की थी। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ मिलकर दूसरी मंजिल की बालकनी से घर में प्रवेश किया और चोरी को अंजाम दिया.
चोरी का सामान छिपाना
पुलिस के अनुसार, चोरी के बाद आरोपी ऑडी कार से प्रयागराज पहुंचे और ज्वेलरी को अनुराग कथूरिया के घर में छिपाया। बाद में कुछ ज्वेलरी ऋत्विक यादव और ऋषि सोनी के जरिए बेची गई.
ऑनलाइन बेटिंग का कर्ज
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आकाश सिंह ऑनलाइन बेटिंग और सट्टा ट्रेडिंग में करोड़ों रुपये गंवा चुका था। उसने अपना मकान लगभग 3 करोड़ रुपये में बेचने का सौदा किया था, लेकिन वह रकम भी ऑनलाइन सट्टेबाजी में हार गया.
गैंग की योजना
बढ़ते कर्ज और आर्थिक दबाव के चलते आरोपियों ने हाई-प्रोफाइल चोरी की योजना बनाई। पुलिस ने मामले का खुलासा करने वाली टीम के लिए 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है.