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लखनऊ आग हादसे में कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट की जान गई

लखनऊ की एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की जान गई, जिनमें कानपुर के दो थ्रीडी आर्टिस्ट शामिल हैं। संयम विज और सूरजभान सिंह की पहचान हुई है। दोनों ने अपने परिवारों का सहारा बनने के लिए कड़ी मेहनत की थी। इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध इमारतों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। जानें इस दुखद घटना के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
 

लखनऊ में आग से हुई त्रासदी

सोमवार को लखनऊ की एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने से 15 लोगों की जान चली गई, जिनमें से दो कानपुर के निवासी थे। ये दोनों व्यक्ति एक एनिमेशन स्टूडियो में थ्रीडी आर्टिस्ट के रूप में कार्यरत थे।


अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान संयम विज (28) और सूरजभान सिंह (24) के रूप में हुई है। दोनों एक ही स्टूडियो में काम करते थे और करीबी दोस्त थे।


संयम और सूरजभान ने अपने-अपने पिता को पहले ही खो दिया था। संयम के पिता का निधन लगभग 15 साल पहले हुआ था, जबकि सूरजभान के पिता का भी निधन हो चुका है।


परिवार के सदस्यों ने बताया कि संयम पिछले तीन वर्षों से लखनऊ में रह रहा था और वह हर सप्ताह कानपुर आता था। मंगलवार को उसे अपनी दादी के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए घर लौटना था।


सूरजभान का भाई सुधीर रविवार शाम को लखनऊ लौटा था। उन्होंने कहा कि किसी ने नहीं सोचा था कि यह उसकी अंतिम यात्रा होगी। घटना के समय उसकी मां मीरा और भाई सम्राट ऋषिकेश में थे, जो इस खबर के बाद तुरंत लौट आए।


शवों का अंतिम संस्कार और प्रशासन की कार्रवाई

मंगलवार की सुबह दोनों शव कानपुर लाए गए। कानपुर के पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि वे लखनऊ पुलिस आयुक्त के संपर्क में थे। मृतकों की पहचान होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को पीड़ित परिवारों के पास भेजा गया।


उन्होंने कहा कि कानपुर पुलिस शोक संतप्त परिवारों के साथ खड़ी है। संयम का अंतिम संस्कार मंगलवार सुबह किया गया, जबकि सूरजभान का अंतिम संस्कार बाद में किया जाएगा।


लाल ने बताया कि इस हादसे के बाद अवैध इमारतों, बेसमेंट और ऊपरी मंजिलों में चल रहे कोचिंग सेंटर, होटल, अस्पताल और जिम के खिलाफ विशेष अभियान शुरू किया गया है। इन स्थानों पर आपातकालीन निकास की व्यवस्था नहीं थी। पुलिस, अग्निशामक विभाग, कानपुर विकास प्राधिकरण, कानपुर नगर निगम और जिला प्रशासन की उच्च-स्तरीय बैठक भी बुलाई गई है ताकि लखनऊ जैसी घटना फिर से न हो।