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लक्षद्वीप के पास समुद्री तस्करी में बड़ी कार्रवाई, ₹3000 करोड़ की ड्रग्स जब्त

लक्षद्वीप के पास सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी ड्रग्स तस्करी का पर्दाफाश किया है, जिसमें ₹3000 करोड़ की नशीली सामग्री जब्त की गई है। इस कार्रवाई में 5 पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह खेप कहाँ से आई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा है। पिछले साल गुजरात में भी इसी तरह की एक बड़ी कार्रवाई हुई थी, जिससे तस्करी के समुद्री रास्तों पर नजर रखने की आवश्यकता और बढ़ गई है।
 

समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई


लक्षद्वीप के निकट समुद्री क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण अभियान चलाया है। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नशीले पदार्थों को जब्त किया गया है, और 5 पाकिस्तानी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, जब्त की गई ड्रग्स की अनुमानित कीमत लगभग ₹3000 करोड़ है।


तस्करी का समुद्री रास्ता

सूत्रों के अनुसार, यह खेप समुद्री मार्ग से भारत लाई जा रही थी और इसे आगे मुंबई में भेजने की योजना थी। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद समुद्र में निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध नाव को रोका।


जांच का दायरा बढ़ा

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रग्स की खेप कहाँ से आई थी और इसके पीछे कौन सा नेटवर्क काम कर रहा था। हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि इस नेटवर्क के तार भारत के किन क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हैं।


गुजरात में भी हुई थी बड़ी कार्रवाई

पिछले साल गुजरात में भी ड्रग्स तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई थी। 2025 में गुजरात में लगभग ₹18 हजार करोड़ की ड्रग्स पकड़ी गई थी। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों के चलते सुरक्षा एजेंसियां समुद्री और तटीय मार्गों पर विशेष ध्यान दे रही हैं।


जांच की प्रक्रिया जारी

लक्षद्वीप के पास हुई इस कार्रवाई के बाद जब्त नशीले पदार्थों की जांच की जा रही है, साथ ही उनकी वास्तविक कीमत और तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी भी जुटाई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां हिरासत में लिए गए पांचों व्यक्तियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस तस्करी के पीछे कौन लोग शामिल हैं और ड्रग्स की अंतिम डिलीवरी कहाँ होनी थी।


मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।