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रोहित शर्मा को 2011 वर्ल्ड कप में न चुनने पर पूर्व BCCI सिलेक्टर ने मांगी माफी

पूर्व BCCI सिलेक्टर कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने 2011 वर्ल्ड कप में रोहित शर्मा को न चुनने के लिए माफी मांगी है। उन्होंने बताया कि उस समय टीम के संयोजन को लेकर उनकी सोच अलग थी। श्रीकांत ने रोहित से मिलकर इस निर्णय के लिए खेद व्यक्त किया और बताया कि चयन समिति ऑलराउंडर्स को प्राथमिकता दे रही थी। रोहित शर्मा, जो अब भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक हैं, ने अपनी कप्तानी में कई खिताब भी जीते हैं। इस लेख में जानें पूरी कहानी और रोहित के क्रिकेट करियर के बारे में।
 

रोहित शर्मा के चयन पर बड़ा खुलासा

पूर्व BCCI चयनकर्ता ने रोहित शर्मा को 2011 वर्ल्ड कप टीम में शामिल न करने के लिए माफी मांगी है। उन्होंने इस निर्णय के पीछे की वजहों का खुलासा किया है।


'मुझे माफ करना…' पूर्व BCCI सिलेक्टर ने रोहित शर्मा से मांगी माफी, 2011 वर्ल्ड कप चयन पर किया बड़ा खुलासा


2011 वनडे वर्ल्ड कप भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार क्षणों में से एक है। एमएस धोनी की कप्तानी में भारत ने 28 साल बाद विश्व कप जीता, लेकिन उस ऐतिहासिक टीम में रोहित शर्मा का नाम नहीं था।


रोहित शर्मा को उस वर्ल्ड कप टीम में शामिल न करने का मुद्दा वर्षों से चर्चा का विषय रहा है। अब, चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने इस पर अपनी बात रखी है और रोहित से माफी भी मांगी है।


रोहित शर्मा से माफी


कृष्णम्माचारी श्रीकांत ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें आज भी रोहित के लिए खेद है। उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने रोहित से मिलकर इस निर्णय के लिए माफी मांगी थी। श्रीकांत ने कहा, “मैंने रोहित से कहा था, मुझे माफ करना। यह निर्णय जानबूझकर नहीं लिया गया था। उस समय हमारी सोच टीम के संयोजन को लेकर अलग थी।”


2011 वर्ल्ड कप में मौका न मिलने का कारण


श्रीकांत ने बताया कि चयन समिति एक ऐसी टीम बनाना चाहती थी जिसमें बल्लेबाजी के साथ-साथ गेंदबाजी करने वाले खिलाड़ी भी हों। चयनकर्ताओं की सोच 1983 की विश्व कप विजेता टीम जैसी थी, जिसमें कई खिलाड़ी ऑलराउंड योगदान देते थे। इसी कारण रोहित शर्मा जैसे प्रतिभाशाली बल्लेबाज को टीम में जगह नहीं मिल सकी।


ऑलराउंडर्स ने दिलाया था खिताब


पूर्व चयनकर्ता ने बताया कि उस वर्ल्ड कप में युवराज सिंह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे और उन्होंने बल्ले और गेंद दोनों से बेहतरीन प्रदर्शन किया था। इसके अलावा सुरेश रैना, यूसुफ पठान, वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर ने भी जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी की थी।


बाद में बने भारत के सबसे बड़े मैच विनर


हालांकि रोहित शर्मा 2011 वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं बन सके, लेकिन बाद के वर्षों में उन्होंने खुद को दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में स्थापित कर लिया। वह वनडे क्रिकेट में भारत के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं। रोहित ने अपनी कप्तानी में भारत को टी20 वर्ल्ड कप 2024 और चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब भी दिलाया। 2007 में डेब्यू करने वाले हिटमैन अब भारतीय क्रिकेट के महान खिलाड़ियों में शामिल हैं।