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रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का निधन

रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था और उनके योगदान को उद्योग जगत में हमेशा याद किया जाएगा। उनके अंतिम संस्कार की जानकारी और परिवार का शोक संदेश भी इस लेख में शामिल है। जानें उनके जीवन और उपलब्धियों के बारे में।
 

विजयपत सिंघानिया का निधन

मुंबई में रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन विजयपत सिंघानिया का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। उनके बेटे, गौतम सिंघानिया, जो रेमंड ग्रुप के वर्तमान चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की। रेमंड ग्रुप के एक प्रवक्ता ने कहा, 'पद्म भूषण से सम्मानित, रेमंड ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और बॉम्बे के पूर्व शेरिफ, एयर कमोडोर विजयपत सिंघानिया का आज शाम मुंबई में निधन हो गया। हम सभी गहरे शोक में हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।'


अंतिम संस्कार की जानकारी

विजयपत सिंघानिया के परिवार ने बताया कि उनकी अंतिम श्रद्धांजलि सभा रविवार, 29 मार्च 2026 को दोपहर 1:30 बजे मुंबई के हवेली, एलडी रुपारेल मार्ग पर आयोजित की जाएगी। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार चंदनवाड़ी श्मशान घाट में दोपहर 3:00 बजे किया जाएगा। परिवार ने सभी रिश्तेदारों, दोस्तों और शुभचिंतकों से अंतिम दर्शन के लिए आने की अपील की है।


उद्योग जगत में योगदान

सिंघानिया परिवार ने विजयपत सिंघानिया को एक दूरदर्शी नेता, परोपकारी और प्रेरणादायक व्यक्तित्व के रूप में याद किया है। उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। परिवार ने भागवद गीता का श्लोक 'कर्मण्येवाधिकारस्ते...' का उल्लेख करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


विजयपत सिंघानिया को भारतीय उद्योग जगत के एक प्रमुख नेता के रूप में जाना जाता था। उन्होंने रेमंड समूह को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया और इसे वैश्विक पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में कंपनी ने उल्लेखनीय विकास किया और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। उनके निधन से उद्योग जगत में शोक की लहर है।


जीवन और उपलब्धियाँ

1930 के दशक के अंत में जन्मे विजयपत सिंघानिया को देश के प्रमुख उद्योगपतियों में गिना जाता था। उन्होंने रेमंड ग्रुप को एक वैश्विक ब्रांड में तब्दील किया और कपड़ा उद्योग में नई पहचान दिलाई। वह बॉम्बे के शेरिफ भी रह चुके थे, जो उनके सामाजिक योगदान को दर्शाता है। व्यवसाय के अलावा, उन्हें रोमांच का भी शौक था। वह एक प्रशिक्षित पायलट थे और हॉट एयर बैलूनिंग में कई रिकॉर्ड बनाए।