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रुपये में मजबूती: RBI के कदमों का असर

हाल के दिनों में रुपये में मजबूती आई है, जो रिजर्व बैंक द्वारा उठाए गए कदमों का परिणाम है। रुपये ने डॉलर के मुकाबले 92.85 के स्तर पर पहुंचकर 33 पैसे की वृद्धि की है। हालांकि, विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता जैसे कई चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं। जानें रुपये की स्थिति और RBI के प्रभावी कदमों के बारे में।
 

रुपये की स्थिति


रुपये की हालिया गिरावट को रोकने के लिए रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए कदमों के परिणामस्वरूप रुपये में सुधार देखा जा रहा है। हाल ही में, रुपये ने डॉलर के मुकाबले 95.23 का स्तर छुआ था, लेकिन अब यह मजबूती से वापसी कर रहा है। सोमवार को, रुपये ने शुरुआती कारोबार में 33 पैसे की वृद्धि के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.85 के स्तर पर पहुंच गया। RBI की सख्त नीतियों और सट्टेबाजी पर नियंत्रण के प्रयासों के चलते रुपये में यह सुधार आया है। पिछले गुरुवार को, रुपये ने 152 पैसे की वृद्धि के साथ 93.18 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी के कारण बाजार बंद रहा।

रुपये की मजबूती का आकलन
इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में, रुपये की शुरुआत 93.13 पर कमजोर हुई, लेकिन जैसे-जैसे ट्रेडिंग आगे बढ़ी, यह 92.85 के स्तर तक पहुंच गया। यह पिछले सत्र के बंद भाव 93.18 की तुलना में 33 पैसे की मजबूती दर्शाता है।

आरबीआई के उठाए गए कदम
आरबीआई ने सट्टेबाजी को नियंत्रित करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। बैंक की नेट ओपन पोजीशन की सीमा 100 मिलियन डॉलर तक सीमित कर दी गई है। 10 अप्रैल की डेडलाइन से पहले, बैंक डॉलर की पोजीशन को अनवाइंड कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि RBI का यह कदम प्रभावी साबित हो रहा है और भविष्य में रुपये के 92 तक मजबूत होने की संभावना है।

चुनौतियों का सामना
हालांकि, रुपये में हालिया मजबूती के बावजूद कई चुनौतियां बनी हुई हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार बाजार से बिकवाली कर रहे हैं। पिछले कारोबारी सत्र में, इक्विटी में 9,931 करोड़ रुपये की बिकवाली हुई। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 0.14 प्रतिशत बढ़कर 100.17 पर पहुंच गया है। इसके अलावा, क्रूड ऑयल की कीमतों में भी वृद्धि हो रही है, जिसमें ब्रेंट क्रूड 0.66 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट मंगलवार तक नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की धमकी दे रहे हैं। इससे वैश्विक अनिश्चितता भी रुपये पर दबाव डाल रही है। रुपये की मजबूती के बावजूद, शेयर बाजार आज लाल निशान के साथ कारोबार कर रहा है।