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रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में तेजी, कंपनी ने ट्रेडिंग पाबंदियों की समीक्षा की मांग की

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में हाल के दिनों में 28% की वृद्धि हुई है। कंपनी ने ट्रेडिंग पर लगी पाबंदियों की समीक्षा की मांग की है, जिससे निवेशकों के हितों की रक्षा की जा सके। हालांकि, शेयर अब भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से 79% नीचे हैं। जानें कंपनी की स्थिति और बाजार पर इसका प्रभाव क्या हो सकता है।
 

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में उछाल

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में हाल के दिनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। पिछले सात कारोबारी दिनों में, इन शेयरों में लगभग 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। इसी क्रम में, कंपनी ने अपने शेयरों पर लागू विशेष ट्रेडिंग प्रतिबंधों की समीक्षा की मांग की है। रिलायंस इन्फ्रा ने सेबी, एनएसई और बीएसई को एक आधिकारिक पत्र भेजकर मौजूदा प्रणाली पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है.


कंपनी की आधिकारिक मांग

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बीएसई के समक्ष एक आधिकारिक प्रतिनिधित्व प्रस्तुत किया है। कंपनी ने दिवाला एवं ऋणशोधन संहिता से संबंधित अतिरिक्त निगरानी उपायों और अपने शेयरों पर लागू ट्रेडिंग प्रतिबंधों की समीक्षा की मांग की है। कंपनी का कहना है कि वर्तमान प्रणाली के तहत उसके शेयरों में सप्ताह में केवल एक बार ट्रेडिंग की अनुमति है, और उस दिन भी कीमतों में अधिकतम 5 प्रतिशत का उतार-चढ़ाव ही संभव है। कंपनी के अनुसार, इससे शेयर की वास्तविक बाजार मूल्यांकन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है.


निवेशकों के हितों की रक्षा

रिलायंस इन्फ्रा ने यह भी कहा कि उसके सात लाख से अधिक सार्वजनिक शेयरधारक हैं और मौजूदा प्रतिबंधों का सीधा असर इन निवेशकों पर पड़ रहा है। कंपनी का मानना है कि इस प्रकार की ट्रेडिंग सीमाएं निवेशकों की भागीदारी को प्रभावित करती हैं और शेयर की मांग और आपूर्ति के आधार पर सही मूल्य निर्धारण में बाधा डालती हैं। कंपनी ने अपने प्रतिनिधित्व में कहा कि बाजार नियमन का उद्देश्य उचित मूल्य निर्धारण और निवेशकों का विश्वास बनाए रखना होना चाहिए। ऐसे में लंबे समय तक कृत्रिम प्रतिबंधों को बनाए रखना बाजार की सामान्य कार्यप्रणाली के अनुरूप नहीं है.


हालांकि, पुराने रिकॉर्ड से नीचे

हालांकि हाल के दिनों में रिलायंस इन्फ्रा के शेयरों में जोरदार सुधार देखने को मिला है और केवल एक सप्ताह में निवेशकों को लगभग 28 प्रतिशत का लाभ मिला है, लेकिन दीर्घकालिक दृष्टिकोण से यह शेयर अब भी अपने सर्वकालिक उच्च स्तर से लगभग 79 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा है। कंपनी का कहना है कि उसके वर्तमान व्यापार प्रदर्शन, संचालन गतिविधियों और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए शेयर पर लगे प्रतिबंध वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाते। अब बाजार की नजर सेबी, एनएसई और बीएसई के निर्णय पर रहेगी कि वे कंपनी की इस मांग पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.