रिकी मेगी की रहस्यमयी कहानी: 71 दिन की लापता यात्रा
अजीबोगरीब कहानी:
आज भी नौकरी युवाओं के लिए प्राथमिकता बनी हुई है। जॉब के विज्ञापन या उससे जुड़ी कोई भी जानकारी युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय होती है। 'जब नौकरी मिलेगी तो क्या होगा...' इस विषय पर एक गाना भी काफी चर्चित हुआ था।
रिकी के साथ क्या हुआ?
रिकी, जो नई नौकरी के पहले दिन के ख्यालों में खोया हुआ था, एक अच्छी म्यूजिक के साथ गाड़ी चला रहा था। अचानक उसके साथ एक ऐसी घटना घटती है कि वह ढाई महीनों तक लापता हो जाता है और एक हाड़मांस के पुतले के रूप में दुनिया के लिए एक खबर बन जाता है।
जब रिकी को होश आया, तो वह एक रेगिस्तानी कब्र पर था, बिना कपड़ों के और उसकी हालत बेहद खराब थी। उसे तेज भूख लगी थी और चारों ओर सिर्फ रेत थी। ऐसे कठिन हालात में, वह 71 दिन तक मेंढ़क और सांप खाकर जिंदा रहा। जब कुछ लोगों की नजर उस पर पड़ी, तब उसकी जान में जान आई।
वो 'मनहूस' दिन!
रिकी मेगी ऑस्ट्रेलिया के दूसरे छोर पर नई शुरुआत करने जा रहे थे, तभी उन्होंने एक सहयात्री को लिफ्ट देने का निर्णय लिया। यह मदद का विचार जल्द ही एक बुरे सपने में बदल गया, क्योंकि उन्हें नशीला पदार्थ देकर एक खतरनाक इलाके में छोड़ दिया गया। यह मामला अब तक अनसुलझा है और ऑस्ट्रेलिया के सबसे विचित्र मामलों में से एक है।
अनसुलझा किस्सा
एक रिपोर्ट के अनुसार, 2006 में एक दुर्गम इलाके से गुजर रहे मवेशी फार्म के मजदूरों ने एक गंभीर रूप से कुपोषित व्यक्ति को अकेला भटकते देखा। यह रिकी मेगी था, जो करीब 10 हफ्ते पहले नई नौकरी के लिए लापता हो गया था।
रिकी एक प्रसिद्ध घुमक्कड़ था और उसने पोर्ट हेडलैंड को एक नई शुरुआत का मौका माना। उन्हें 3000 किलोमीटर के खतरनाक रास्ते से गुजरना था। रिकी ने अपनी यात्रा के दौरान कई बार अपनी गाड़ी में खराबी आने का दावा किया।
अबूझ पहेली
शुरुआत में, रिकी ने कहा कि उनकी गाड़ी में खराबी आई थी। बाद में उन्होंने बताया कि एक आदिवासी सहयात्री ने उनके सॉफ्ट ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिला दिया था।
2010 में, रिकी ने अपने संस्मरण में घटना का विवरण बदल दिया। उन्होंने लिखा कि नंगे पांव अकेले चलना उनके लिए कठिन था, लेकिन उन्होंने जीवित रहने के लिए सांप, चींटियों और मेंढकों को खाया।