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राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर चर्चा के दौरान उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

राहुल गांधी ने लोकसभा में वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट पर चर्चा के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए, जिससे सदन में हंगामा हुआ। उन्होंने पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पर निशाना साधा। भाजपा सांसदों ने कांग्रेस पर युवाओं को दिशाहीन करने का आरोप लगाया। सरकार ने हरित आवरण बढ़ाने के लिए नई पहल की घोषणा की। जानें इस महत्वपूर्ण सत्र में और क्या हुआ।
 

राहुल गांधी की बहस और सदन में हंगामा

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किए गए केंद्रीय बजट के एक दिन बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की। इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हस्तक्षेप किया, जिससे सदन में हंगामा मच गया। इस बहस के लिए कुल 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 फरवरी को अपने जवाब देंगे। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी, 2026 को राष्ट्रपति के पारंपरिक संबोधन के साथ शुरू हुआ। राज्यसभा में सदस्यों ने फर्जी जाति प्रमाणपत्र, किसानों की समस्याओं और मानव-पशु संघर्ष जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार से समाधान की मांग की।


लोकसभा की कार्यवाही

राहुल गांधी ने लोकसभा में एक पूर्व सेना प्रमुख के संस्मरण का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर निशाना साधने का प्रयास किया। इस पर सत्तापक्ष और कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिससे सदन की कार्यवाही बाधित हुई। राजनाथ सिंह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की बातें पूरी तरह से काल्पनिक हैं और वह सदन को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। सदन में गतिरोध के कारण कार्यवाही को कई बार स्थगित किया गया।


भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने कांग्रेस पर युवाओं को दिशाहीन करने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी सरकार ने चुनौतियों के बावजूद विकसित भारत की दिशा में कदम बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि 2014 में मोदी सरकार ने परंपरा और प्रौद्योगिकी को एक साथ आगे बढ़ाने का वादा किया था।


सरकार की हरित आवरण बढ़ाने की पहल

सरकार ने सोमवार को कहा कि हरित आवरण बढ़ाने के लिए ‘नमो वन’ के तहत नगर वन विकसित किए जा रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि इसके लिए सांसदों को राज्य सरकारों के माध्यम से प्रस्ताव भेजकर सहयोग करना चाहिए।


राज्यसभा की कार्यवाही

कांग्रेस ने सरकार पर कथनी और करनी में अंतर का आरोप लगाते हुए पूछा कि कौन सा वादा पूरा किया गया है। दिग्विजय सिंह ने कहा कि 2014 में मोदी सरकार ने ‘सबका साथ सबका विकास’ का नारा दिया था, लेकिन क्या इसमें सभी समुदाय शामिल हैं? उन्होंने सामाजिक सौहार्द की आवश्यकता पर जोर दिया।


राज्यसभा में एक सदस्य ने दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता को ‘भारत रत्न’ देने की मांग की।


कांग्रेस के एक सदस्य ने एआई पर श्वेतपत्र जारी करने की मांग की, ताकि ‘डिजिटल इंडिया’ को ‘जॉबलेस इंडिया’ में न बदला जाए।