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राहुल गांधी ने लोकसभा में चीन मुद्दे पर उठाया सवाल, भाजपा सांसदों ने किया विरोध

राहुल गांधी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान चीन के मुद्दे को उठाया, जिसके बाद भाजपा सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस विवाद के चलते सदन को स्थगित कर दिया गया। राहुल ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें बोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने भारत-चीन संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व पर भी चर्चा की। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी।
 

लोकसभा में बहस के दौरान व्यवधान

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान, विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने चीन से संबंधित मुद्दा उठाया, जिसके बाद भाजपा सांसदों ने कड़ी आपत्ति जताई। इस विवाद के चलते लोकसभा को दोपहर 3 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया, जिससे सदन में अव्यवस्था उत्पन्न हुई। राहुल गांधी ने यह सवाल उठाया कि उन्हें बोलने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है, और उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें किसी की अनुमति की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि वह विपक्ष के नेता हैं और सदन में तथ्य प्रस्तुत करना चाहते हैं।


भारत-चीन संबंधों पर चर्चा

अपने संबोधन में, राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख सीमा पर अतीत में हुए तनावों का उल्लेख करते हुए भारत-चीन संबंधों पर बात की। उन्होंने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में सवाल उठाया और कहा कि संसद को पर्याप्त जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा और भारत के पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधों पर विशेष ध्यान दिया गया है।


सदन में भाजपा सांसदों का विरोध

राहुल गांधी ने कहा कि वह केवल भारत और चीन के बीच हुई घटनाओं और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पर चर्चा करना चाहते थे। जैसे ही उन्होंने यह मुद्दा उठाया, कई भाजपा सांसदों ने उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति जताई, जिससे सदन में कुछ समय के लिए व्यवधान उत्पन्न हुआ। अध्यक्ष ने चर्चा के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की।


राष्ट्रीय सुरक्षा का महत्व

राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति के भाषण में राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो पाकिस्तान और चीन के साथ भारत के संबंधों पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि यह प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के बारे में महत्वपूर्ण बिंदु है। उन्होंने यह भी बताया कि वैश्विक स्तर पर चीन और अमेरिका के बीच संघर्ष मुख्य मुद्दा बन गया है, जो भारत की विदेश नीति को प्रभावित कर रहा है।