राहुल गांधी ने नोएडा में श्रमिकों के वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन का समर्थन किया
राहुल गांधी ने नोएडा में श्रमिकों के वेतन वृद्धि के लिए प्रदर्शन का समर्थन किया और मोदी सरकार की नीतियों की आलोचना की। उन्होंने श्रमिकों की कठिनाइयों और महंगाई के मुद्दों पर प्रकाश डाला, यह बताते हुए कि कैसे वैश्विक महंगाई का असर सीधे श्रमिकों पर पड़ रहा है। राहुल ने श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि उनकी मांगें उचित हैं। जानें इस मुद्दे पर उनका पूरा बयान।
Apr 14, 2026, 16:40 IST
राहुल गांधी का श्रमिकों के प्रति समर्थन
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग कर रहे श्रमिकों के प्रदर्शन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सोमवार को नोएडा में जो घटनाएं हुईं, वे देश के श्रमिकों की अंतिम पुकार थीं। नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुईं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने स्थिति को संभाला। राहुल ने ट्विटर पर एक विस्तृत पोस्ट में श्रमिकों की मांगों को नजरअंदाज करने के लिए मोदी सरकार की कड़ी आलोचना की।
वेतन वृद्धि की मांग और महंगाई
राहुल ने अपने पोस्ट में लिखा कि नोएडा की सड़कों पर जो हुआ, वह इस देश के श्रमिकों की अंतिम चीख थी, जिसे अनसुना किया गया। उन्होंने एक श्रमिक की स्थिति का उदाहरण देते हुए बताया कि उसकी मासिक तनख्वाह ₹12,000 है, जबकि किराया ₹4,000-7,000 है। जब तक उन्हें ₹300 की सालाना बढ़ोतरी मिलती है, मकान मालिक ₹500 सालाना किराया बढ़ा देता है। महंगाई के कारण श्रमिकों की जिंदगी कठिन हो रही है। एक महिला श्रमिक ने कहा कि गैस के दाम बढ़ते हैं, लेकिन उनकी तनख्वाह नहीं बढ़ती।
वैश्विक महंगाई और श्रमिकों की स्थिति
राहुल ने कहा कि यह केवल नोएडा की समस्या नहीं है, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर हो रही है। ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, और पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के टैरिफ़ वॉर और वैश्विक महंगाई का बोझ केवल श्रमिकों पर पड़ रहा है, जबकि उद्योगपतियों पर इसका कोई असर नहीं है।
मोदी सरकार की नीतियों पर सवाल
राहुल ने मोदी सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए, जिसमें चार लेबर कोड को बिना संवाद के लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि जो श्रमिक 12 घंटे काम करते हैं, उनकी मांगें ग़ैरवाजिब नहीं हैं। नोएडा के श्रमिक ₹20,000 की मांग कर रहे हैं, जो उनका अधिकार है। राहुल ने कहा कि वह हर श्रमिक के साथ हैं, जो इस देश की रीढ़ हैं और जिन्हें सरकार ने बोझ समझ लिया है।