राहुल गांधी ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को शिक्षा सुधार का महत्वपूर्ण कदम बताया
राहुल गांधी का बयान
शनिवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को भारत की शिक्षा प्रणाली को पुनर्निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रतीकात्मक कदम करार दिया। उन्होंने छात्रों पर की गई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की भी अपील की। धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा की, जो मोदी सरकार के किसी वरिष्ठ मंत्री का एक असामान्य कदम है, खासकर जब विरोध-प्रदर्शनों और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा हो।
छात्रों और युवाओं को बधाई
राहुल गांधी ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा हमारे शिक्षा तंत्र को सुधारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। यह एक प्रतीकात्मक कदम है, क्योंकि वे खुद एक प्रतीक थे। उन्होंने उन छात्रों और युवाओं को बधाई दी, जो लोकतंत्र, देश के भविष्य और संविधान की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरे। उन्होंने कहा, "मुझे आप पर गर्व है।" गांधी ने यह भी कहा कि इस्तीफे से समाज के अन्य वर्गों को भी एक संदेश मिला है।
सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील
गांधी ने कहा कि यह समाज के अन्य हिस्सों, जैसे किसानों, मजदूरों और गरीबों के लिए भी एक संकेत है, जिन पर यह सरकार हमला कर रही है। उन्होंने कहा कि इस सरकार से छुटकारा पाने की आवश्यकता है, जो भारत पर हमला कर रही है और हमारे संविधान को नष्ट कर रही है। उन्होंने दो मांगों को पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें उन लोगों को जिम्मेदार ठहराना शामिल है, जिन्होंने छात्रों पर हमला किया।