राहुल गांधी का पीएम आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन, इस्तीफे की मांग
राहुल गांधी ने नई दिल्ली में पीएम मोदी के आवास के बाहर एक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, जिसमें उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, जबकि राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने धरना समाप्त करने का अनुरोध किया। आम आदमी पार्टी ने इस प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। जानें इस घटनाक्रम की पूरी जानकारी।
Jul 21, 2026, 19:13 IST
विपक्ष के नेता का प्रदर्शन
कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी निवास, 7 लोक कल्याण मार्ग के बाहर एक विरोध प्रदर्शन का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री मोदी, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। इस प्रदर्शन में राहुल गांधी के साथ कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पवन खेड़ा, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, दीपेंद्र हुड्डा और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी इस विरोध स्थल पर पहुंचे।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया
जब राहुल गांधी और अन्य कांग्रेस नेता प्रधानमंत्री मोदी के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, तब दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने की कोशिश की। यह घटना तब हुई जब मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे थे। वे एक दिन पहले संसद में छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का विरोध कर रहे थे। इस दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था, जो प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने का प्रयास कर रहा था।
राज्य मंत्री की प्रतिक्रिया
जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शन खत्म करने का अनुरोध किया
राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष के नेता से मुलाकात के बाद उनसे धरना समाप्त करने का अनुरोध किया, यह कहते हुए कि वह स्थान विरोध प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं था। उन्होंने बताया कि अधिकारियों ने राहुल गांधी से अनुरोध किया कि वे प्रधानमंत्री आवास के बाहर अपना धरना समाप्त करें, क्योंकि इससे जनता को असुविधा हो रही थी। सिंह ने कहा कि गांधी धरना खत्म करने के लिए तैयार हो गए, बशर्ते सरकार NEET और छात्रों के आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा का आश्वासन दे। हालांकि, बाद में गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की भी मांग जोड़ दी।
AAP का आरोप
कांग्रेस और बीजेपी के बीच मिलीभगत का आरोप
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी ने राहुल गांधी के पीएम मोदी के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन शुरू करने के बाद बीजेपी और कांग्रेस के बीच मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि सीजेपी और सोनम वांगचुक ने जंतर-मंतर पर एक महीने तक प्रदर्शन किया, लेकिन मोदी सरकार ने उनसे बातचीत करने से इनकार कर दिया। राहुल गांधी के प्रदर्शन के एक घंटे के भीतर ही मोदी सरकार बातचीत के लिए तैयार हो गई।