राहुल गांधी का अमित शाह को पत्र: छात्रों पर हमले की जवाबदेही तय करने की मांग
राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र भेजकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने पत्र में सवाल उठाया कि छात्रों पर हमले का आदेश किसने दिया। गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने छात्रों पर खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया, जिससे कई छात्र घायल हुए। उन्होंने सीधे अमित शाह से पूछा कि क्या उन्होंने इस तरह की कार्रवाई की अनुमति दी थी। गांधी का कहना है कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन हर नागरिक का अधिकार है और सरकार को प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
Jul 26, 2026, 12:26 IST
राहुल गांधी का पत्र गृह मंत्री को
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने रविवार को गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने यह सवाल उठाया है कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हमला करने का आदेश किसने दिया। राहुल गांधी ने कहा कि वे 20 जुलाई को दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने के लिए यह पत्र लिख रहे हैं।
छात्रों पर खतरनाक हथियारों का उपयोग
राहुल गांधी ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि छात्र केवल एक बेहतर और सही शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे थे। लेकिन उनकी मांग सुनने के बजाय सुरक्षाबलों ने उन पर आंसू गैस और पेलेट गन जैसे खतरनाक हथियारों का इस्तेमाल किया। इस कार्रवाई में सैकड़ों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
पेलेट गन के उपयोग पर सवाल
राहुल गांधी ने आगे आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने छात्राओं के साथ भी दुर्व्यवहार और मारपीट की। उन्होंने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया पर आई तस्वीरें और रिपोर्ट इस बात का प्रमाण हैं कि लोग कितने गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें एक पत्रकार भी शामिल है। राहुल गांधी ने बताया कि वे 19 साल के छात्र साहिल लोचब से मिले, जो पेलेट गन के छर्रे लगने के कारण अत्यधिक दर्द में है और उसकी एक आंख की रोशनी जाने का खतरा बना हुआ है।
राहुल गांधी के सीधे सवाल
पत्र में राहुल गांधी ने अमित शाह से सीधे सवाल पूछते हुए कहा, "दिल्ली पुलिस और सुरक्षाबल सीधे आपके अधीन आते हैं, तो क्या आपने पेलेट गन और इस तरह के बल प्रयोग की अनुमति दी थी? यदि आपने आदेश नहीं दिया, तो फिर छात्रों पर इस तरह की कार्रवाई की अनुमति किसने दी? सादे कपड़ों में लाठियां चलाते दिख रहे लोग पुलिस वाले हैं या कोई और? उन्हें वहां भेजने की अनुमति किसने दी?"
लोकतंत्र में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार
राहुल गांधी ने कहा कि किसी भी लोकतंत्र में शांति से अपनी बात रखना और प्रदर्शन करना लोगों का अधिकार है। सरकार की जिम्मेदारी होती है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करे और बातचीत के माध्यम से उनकी समस्याओं का समाधान करे। इस तरह की हिंसा लोकतंत्र के खिलाफ है और इससे पूरे देश के युवाओं में भारी गुस्सा है। छात्र अब सरकार से जवाब मांग रहे हैं और उनकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
राहुल गांधी का ट्वीट
छात्रों को मारने का आदेश किसने दिया? pic.twitter.com/NDwfka1UqO
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 26, 2026