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राहु-केतु दोष निवारण के लिए प्रमुख मंदिरों की जानकारी

राहु और केतु के अशुभ प्रभावों से मुक्ति पाने के लिए भारत में कई प्रसिद्ध मंदिर हैं। इन मंदिरों में विशेष पूजा और अनुष्ठान किए जाते हैं, जो श्रद्धालुओं को मानसिक तनाव और जीवन की बाधाओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं। इस लेख में हम आपको उन प्रमुख मंदिरों के बारे में बताएंगे, जहां जाकर आप राहु-केतु दोष से मुक्ति पा सकते हैं।
 

राहु-केतु दोष निवारण मंदिर

ज्योतिष शास्त्र में राहु और केतु को महत्वपूर्ण छाया ग्रह माना जाता है। इनका नकारात्मक प्रभाव जीवन में मानसिक तनाव और बाधाओं का कारण बन सकता है। भारत में कुछ प्रसिद्ध मंदिर हैं, जहां श्रद्धालु राहु-केतु दोष से मुक्ति पाने के लिए विशेष पूजा और अनुष्ठान करते हैं। इन स्थानों पर लोग दूर-दूर से आकर ग्रहों के दुष्प्रभावों को कम करने की प्रार्थना करते हैं। आइए जानते हैं इन मंदिरों के बारे में।



राहु मंदिर


यह मंदिर उत्तराखंड की सुंदर पहाड़ियों में स्थित है। यहां श्रद्धालु ध्यान और पूजा करते हैं। मान्यता है कि यहां पूजा करने से राहु से जुड़े दोषों का प्रभाव कम होता है।


श्री कालहस्तीश्वर मंदिर


आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में स्थित यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यहां उन्हें कालहस्तीश्वर के रूप में पूजा जाता है, जो वायु तत्व का प्रतीक है। यह मंदिर राहु-केतु दोष निवारण के लिए प्रसिद्ध है। यहां विशेष पूजा कराने से ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होने की मान्यता है। इसे दक्षिण कैलाश भी कहा जाता है।


तिरुनागेश्वरम नागनाथर मंदिर


तमिलनाडु के कुंभकोणम के पास स्थित तिरुनागेश्वरम नागनाथर मंदिर को राहु स्थलम कहा जाता है। यहां शिव जी नागनाथ के रूप में विराजमान हैं, जबकि माता पार्वती को पिरैसूदी अम्मन के रूप में पूजा जाता है। यह मंदिर नवग्रह स्थलों में राहु ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है।


श्री नागनाथस्वामी केथु मंदिर


यह मंदिर तमिलनाडु के कीझापेरुमपल्लम में स्थित है और केतु ग्रह से संबंधित है। यहां भगवान शिव नागनाथ स्वामी के रूप में पूजे जाते हैं। मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा होती है और महाशिवरात्रि पर भक्तों की भारी भीड़ होती है। यहां पूजा करने से केतु दोष में राहत मिलती है।


राहुकेतु मंदिर


तेलंगाना का राहुकेतु मंदिर अपने शांत और आध्यात्मिक वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां देशभर से श्रद्धालु राहु-केतु दोष निवारण के लिए विशेष अनुष्ठान कराने आते हैं। यहां पूजा करने से जीवन की बाधाएं और मानसिक तनाव कम होने की मान्यता है।