रायसेन किले में ईरान के समर्थन में तोप चलाने का विवाद
रायसेन किले में विवादास्पद घटना
मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में स्थित ऐतिहासिक रायसेन किले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में कुछ युवकों ने ईरान के समर्थन में तोप चलाई और 'अल्लाह हू अकबर' के नारे लगाए। यह घटना ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसने विवाद को जन्म दिया है।
वीडियो में चार युवक किले की दीवार पर खड़े नजर आ रहे हैं। वे नारे लगा रहे हैं, जैसे "हम ईरान का समर्थन करने जा रहे हैं... अल्लाह हू अकबर!" और "भारत के मुसलमान न कल डरे थे, न आज डरेंगे..."। इसके बाद एक युवक माचिस से देसी तोप में आग लगाता है और तोप दागी जाती है। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि तोप रिहायशी क्षेत्र की ओर दागी गई, जिससे सुरक्षा का खतरा उत्पन्न हो सकता था।
यह किला पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित है, और यहां ऐसी गतिविधियों को नियमों के खिलाफ माना जाता है। वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। कई लोगों ने इसे धार्मिक उन्माद और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने वाला बताया। हिंदू संगठनों ने भी इस पर विरोध जताया।
रायसेन पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की। वीडियो में दिखाई दे रहे चार युवकों—शादाब कुरैशी, यूसुफ शेख, वसीम मोहम्मद और सलमान कुरैशी—को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी भोपाल-रायसेन क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने धार्मिक भावनाएं आहत करने और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच जारी है।
कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि रमजान के महीने में सहरी या इफ्तार की सूचना के लिए किले से तोप चलाने की पुरानी परंपरा हो सकती है, लेकिन वीडियो में ईरान के समर्थन के नारे और कैप्शन ने इसे विवादास्पद बना दिया। प्रशासन ने कहा है कि जांच में सभी पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है, जिसमें वीडियो के संपादित होने की संभावना भी शामिल है।
यह घटना अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच भारत में सांप्रदायिक संवेदनशीलता को उजागर करती है, और पुलिस का सख्त रुख इसे रोकने के लिए उठाया गया कदम है।