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रामपुर में नकली नोट गिरोह का भंडाफोड़, 4.88 लाख रुपये के जाली नोट बरामद

रामपुर पुलिस ने एक बड़े नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसमें 4.88 लाख रुपये के जाली नोट और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई 1 अप्रैल को शुरू हुई जब दो संदिग्धों को नकली नोटों के साथ पकड़ा गया। जांच के दौरान एक विस्तृत नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसमें आरोपी इंस्टाग्राम के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे। पुलिस ने इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।
 

रामपुर पुलिस ने नकली नोट गिरोह का पर्दाफाश किया

रामपुर में पुलिस ने एक बड़े नकली नोट गिरोह का खुलासा किया है। इस कार्रवाई में 4.88 लाख रुपये के जाली नोट और उन्हें बनाने के उपकरण बरामद किए गए हैं। जानिए इस नेटवर्क का कैसे हुआ खुलासा।


गिरफ्तारी की शुरुआत कैसे हुई?

1 अप्रैल 2026 को थाना गंज पुलिस ने बिलासपुर गेट के पास दो संदिग्धों, सिनवान और मिन्हाज, को 10,500 रुपये के नकली नोटों के साथ पकड़ा। इसके बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।


जांच में बड़ा नेटवर्क सामने आया

जांच के दौरान पुलिस को एटा जिले के राजवर्धन सिंह चौहान उर्फ आसू और चिराग सक्सेना के बारे में जानकारी मिली। 11 अप्रैल को चिराग को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर 12 अप्रैल को राजवर्धन को मेरठ से पकड़ा गया।


फ्लैट में नकली नोट बनाने का सेटअप

पुलिस ने पाया कि राजवर्धन ने मेरठ में एक किराए के फ्लैट में नकली नोट छापने का पूरा सेटअप तैयार किया था। यहां से 500 रुपये के 4.46 लाख रुपये के जाली नोट, 42,200 रुपये के अधबने नोट और अन्य उपकरण बरामद किए गए।


इंस्टाग्राम और कूरियर से फैलाया नेटवर्क

पूछताछ में राजवर्धन ने बताया कि उसने दिल्ली में एक अज्ञात व्यक्ति से नकली नोट बनाना सीखा। इसके बाद उसने मेरठ में अपने दोस्त चिराग के साथ मिलकर इस धंधे को शुरू किया। दोनों इंस्टाग्राम के जरिए ग्राहकों से संपर्क करते थे और नकली नोट कूरियर के माध्यम से भेजते थे।


पुलिस की बड़ी सफलता

इस मामले को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इस गिरोह के जरिए बड़े स्तर पर नकली नोटों का कारोबार चल रहा था, जिसे समय रहते ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।