रामदेव ने ब्राह्मणवाद और RSS पर उठाए सवाल, संविधान की दी सुरक्षा
रामदेव का बयान
योग गुरु रामदेव ने बुधवार को कहा कि ब्राह्मणवाद और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के खिलाफ उठने वाले 'आज़ादी' के नारों को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने हरिद्वार में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि संविधान सभी समुदायों को समान अधिकार प्रदान करता है। रामदेव ने यह भी कहा कि भले ही ब्राह्मणवाद या RSS के खिलाफ नारे लगाना गलत हो, लेकिन संविधान की गारंटी सभी समूहों के लिए समान अधिकारों की है।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि देश का संचालन सड़कों पर नहीं, बल्कि संसद के माध्यम से होना चाहिए। शिक्षा मंत्री का चयन सड़कों पर नहीं, बल्कि संसद में किया जाएगा।
ब्राह्मणवाद पर रामदेव की राय
रामदेव ने कहा कि यदि प्रह्लाद जोशी ब्राह्मण समुदाय से हैं और RSS से राष्ट्रवाद सीखा है, तो इससे किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान दलितों और शोषितों के साथ-साथ ब्राह्मणों को भी अधिकार देता है, इसलिए ब्राह्मणवाद को नकारना असंवैधानिक है। इसी तरह, शूद्रों के खिलाफ भी कुछ कहना असंवैधानिक है।
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की आलोचना
रामदेव ने जंतर-मंतर पर 'जेनरेशन Z' द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शनों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इन प्रदर्शनों ने भारत की छवि को नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने कहा कि गाली-गलौज हमारी संस्कृति का हिस्सा नहीं है और हमें हमेशा अपने बड़ों का सम्मान करना चाहिए।
छात्र प्रदर्शनकारियों पर अभिजीत दिपके की टिप्पणी
दूसरी ओर, 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने छात्र प्रदर्शनकारियों के प्रति सरकार के व्यवहार की निंदा की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र के आश्वासन के बावजूद कार्रवाई जारी रही, तो देशभर में फिर से विरोध प्रदर्शन होंगे। दिल्ली एयरपोर्ट के बाहर उन्होंने अधिकारियों पर NEET-UG 2026 पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।