राम मंदिर ट्रस्ट में प्रशासनिक बदलाव: कृष्ण मोहन बने नए महासचिव
अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट में हाल ही में एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया है, जिसके बाद कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। इस बदलाव का कारण हाल में सामने आए दान चोरी के आरोप हैं। कृष्ण मोहन ने कहा है कि वे ट्रस्ट की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। जानें इस विवाद और ट्रस्ट की आगामी योजनाओं के बारे में।
Jul 6, 2026, 19:52 IST
राम मंदिर ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक परिवर्तन
अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण की देखरेख करने वाले 'श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट' में हाल ही में एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव हुआ है। ट्रस्ट ने अपने महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। यह कदम हाल में सामने आए दान चोरी के गंभीर आरोपों के चलते उठाया गया है। संकट के इस समय में, ट्रस्ट ने भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है। अब राम मंदिर के दैनिक कार्यों और प्रशासन की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन के हाथों में है। इसके साथ ही, ट्रस्ट ने इस विवाद से निपटने के लिए एक व्यापक प्रशासनिक समीक्षा करने की योजना बनाई है, ताकि भविष्य में कार्यप्रणाली को और अधिक पारदर्शी और मजबूत बनाया जा सके।
कृष्ण मोहन की पृष्ठभूमि
कृष्ण मोहन, जिन्हें हाल ही में ट्रस्ट में ट्रस्टी के रूप में शामिल किया गया है, उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के चंद्रपुर गाँव के निवासी हैं। वे महाराष्ट्र कैडर के पूर्व IFS अधिकारी हैं और सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद से सामाजिक कार्यों में सक्रिय हैं। वर्तमान में, वे हरदोई शहर में निवास कर रहे हैं।
रोज़मर्रा के कामकाज की देखरेख
अंतरिम महासचिव के रूप में, कृष्ण मोहन ट्रस्ट के दैनिक कार्यों की देखरेख करेंगे। उनकी नियुक्ति से ट्रस्ट में दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व भी बना रहेगा। वे कामेश्वर चौपाल की जगह लेंगे, जिन्होंने अपनी मृत्यु से पहले ट्रस्ट में दलित समुदाय का प्रतिनिधित्व किया था। ट्रस्ट ने कृष्ण मोहन को शामिल करने को अपने प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
कृष्ण मोहन का बयान
कार्यभार संभालने के बाद, कृष्ण मोहन ने कहा कि उन्हें कार्यवाहक महासचिव के रूप में सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट यह सुनिश्चित करेगा कि जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें कानून के अनुसार सजा मिले। उन्होंने कहा, "जो कुछ भी हुआ है, उससे हम सभी को बहुत दुख हुआ है।" उन्होंने ट्रस्ट की कार्यप्रणाली में कमियों को स्वीकार किया और कहा कि उनकी प्राथमिकता इन कमियों को दूर करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना होगा।
आगामी बैठक की जानकारी
22 जुलाई को ट्रस्ट की एक और बैठक होगी, जिसमें SIT की अंतिम रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि हम सभी इस स्थिति से दुखी हैं और हमें इस बात का दुख है कि ऐसा माहौल बनने दिया गया। उन्होंने कहा कि यह मामला ऐसा नहीं था जिसे हम केवल स्वीकार या अस्वीकार कर सकें।