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राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय जांच: बैंक लॉकर में रखी गई कीमती धातुओं की समीक्षा

राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने अयोध्या में बैंक लॉकर में रखे करोड़ों रुपये के सोने और चांदी की जांच की। यह कदम चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद उठाया गया। SIT की जांच फिर से शुरू होने की उम्मीद है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानें पूरी कहानी और ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
 

राम मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय स्थिति की जांच

राम मंदिर ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने अयोध्या में एक बैंक लॉकर में रखे करोड़ों रुपये के सोने, चांदी और अन्य कीमती धातुओं की जांच की। यह कदम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले के बाद उठाया गया, जिससे ट्रस्ट के फंड और कीमती सामान के रिकॉर्ड की समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, कृष्ण मोहन ने सोमवार शाम को स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की शाखा का दौरा किया और वहां देर रात तक रहे। इस दौरान, कीमती सामान की सूची बनाई गई और लॉकर में रखे धातुओं की तस्वीरें भी ली गईं। उन्होंने पिछले तीन दिनों में ट्रस्ट के अकाउंट लेजर और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की, जिसके बाद फंड और कीमती धातुओं की अंतिम सूची तैयार की गई।


SIT की जांच फिर से शुरू होने की संभावना

कृष्ण मोहन ने बताया कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाई गई नई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) मंगलवार से अपनी जांच फिर से शुरू कर सकती है। हालांकि, बैंक के दौरे के बारे में मीडिया के सवालों का उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया। जब राम मंदिर की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "आप सभी आएं, दर्शन करें और खुद देखें। अगर कोई कमी हो, तो हमें बताएं।" जून के पहले हफ्ते में राम मंदिर के लिए मिले दान में हेराफेरी का मामला सामने आया था, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया।


आरोपियों की गिरफ्तारी और SIT की रिपोर्ट

23 जून को SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, 25 जून को FIR दर्ज की गई और आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। इस प्रकार, ट्रस्ट के अंतरिम महासचिव ने बैंक लॉकर में रखी कीमती चीज़ों और रिकॉर्ड्स की समीक्षा की है, जबकि SIT अपनी जांच फिर से शुरू करने की तैयारी कर रही है।