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राम मंदिर चढ़ावे की चोरी की जांच में तेजी, आरोपपत्र सितंबर में दाखिल होगा

अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की जांच में तेजी आई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने बताया कि जांच 90 दिनों में पूरी होगी और सितंबर के अंत तक आरोपपत्र अदालत में पेश किया जाएगा। विशेष जांच दल (एसआईटी) की अध्यक्षता लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस कर रहे हैं। राज्य सरकार ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया है कि एसआईटी में एक लेखा-परीक्षक को शामिल किया जाएगा। इस मामले में अब तक किसी बड़े जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जबकि आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
 

जांच की प्रगति और एसआईटी की भूमिका

अयोध्या (उप्र), 8 अगस्त: अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव ग्रोवर ने शनिवार को जानकारी दी कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच 90 दिनों के भीतर पूरी की जाएगी, और सितंबर के अंत तक अदालत में आरोपपत्र पेश किया जाएगा। ग्रोवर ने बताया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) अलग से कोई जांच नहीं कर रहा है, बल्कि पुलिस की जांच में समन्वय स्थापित करने और उच्च मानकों के अनुरूप सलाह देने का कार्य कर रहा है। इस जांच दल की अध्यक्षता लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक किरण एस कर रहे हैं, जिनका केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में पांच साल का अनुभव है।


जांच की निगरानी और राज्य सरकार की भूमिका

उन्होंने कहा कि एसआईटी के समन्वय से जांच आगे बढ़ रही है और विभिन्न पहलुओं की जांच पूरी कर ली गई है। ग्रोवर ने यह भी बताया कि वह स्थानीय स्तर पर हो रही जांच की लगातार निगरानी कर रहे हैं और आवश्यक सलाह भी दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने 27 जुलाई को उच्चतम न्यायालय को सूचित किया था कि राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए आईजी किरण एस के नेतृत्व में चार सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया गया है।


उच्चतम न्यायालय के निर्देश

शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार से एसआईटी में एक लेखा-परीक्षक को शामिल करने का निर्देश दिया था, जो दो सप्ताह के भीतर अपनी पहली स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और अन्य न्यायाधीशों ने राज्य सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की दलीलों पर गौर किया। मेहता ने बताया कि शीर्ष अदालत के सुझाव के बाद 25 जुलाई को एसआईटी का गठन किया गया।


चोरी के मामले में कानूनी कार्रवाई

एसआईटी में पुलिस उपमहानिरीक्षक (डीआईजी) स्तर के अधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस अधीक्षक भी शामिल होंगे। इससे पहले, 20 जुलाई को पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से चढ़ावे की चोरी के मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने की संभावना के बारे में जानकारी मांगी थी। मंदिर से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अब तक किसी बड़े जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है।


अनिल मिश्रा की भूमिका पर सवाल

सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। चढ़ावे की चोरी के मामले में 25 जून को अयोध्या के राम जन्मभूमि थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, और पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था।


जांच की स्थिति

जांच अधिकारी और अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने कहा कि मामले की जांच जारी है। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर दस्तावेजों को अद्यतन किया जा रहा है। फैजाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका मिश्रा ने कहा कि बार चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।


अगले कदम

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्राथमिकी में इन तीनों के नाम शामिल नहीं किए गए, तो वे जल्द ही उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए अदालत का रुख करेंगे।