राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में ट्रस्ट की बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस घटना पर अपनी चिंता व्यक्त की और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री से सजा की मांग की। बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया गया और चढ़ावे की चोरी की जांच के लिए ठोस कदम उठाने की योजना बनाई गई। जानें इस मामले में और क्या हुआ और अदालत ने क्या निर्णय लिया।
Jul 6, 2026, 19:21 IST
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में उठे महत्वपूर्ण मुद्दे
अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक आज आयोजित की गई। इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने साझा की। बैठक का आयोजन राम जन्मभूमि परिसर के गेस्ट हाउस में दोपहर तीन बजे से शुरू हुआ, जहां चढ़ावे की चोरी की जांच, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे, और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के उपायों पर चर्चा की गई। सदस्यों ने चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया और चढ़ावे की चोरी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की योजना बनाई।
बैठक की जगह और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी
इस बैठक का आयोजन पहले मणि रामदास छावनी में होना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे मंदिर परिसर में स्थानांतरित किया गया। ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, जो हाल ही में लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती हुए थे, को शुक्रवार को छुट्टी मिली थी, लेकिन उनकी स्वास्थ्य स्थिति के कारण वह बैठक की अध्यक्षता नहीं कर सके। सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार के सचिव प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद ने वर्चुअल माध्यम से बैठक में भाग लिया। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा भी इस महत्वपूर्ण बैठक में उपस्थित नहीं थे।
चढ़ावा चोरी की जांच और कानूनी कार्रवाई
राम मंदिर चढ़ावा चोरी की जांच के लिए 13 जून को गठित एसआईटी ने 23 जून को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर आठ नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज भी बरामद किया है, जिसमें आरोपी मंदिर परिसर से बाहर निकलते समय धन छुपाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, चंपत राय, अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव के खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन फैजाबाद बार एसोसिएशन के वकीलों ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
महंत नृत्य गोपाल दास का बयान
इस मामले पर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि वह इस घटना से 'बहुत आहत' हैं और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे इस 'पाप' में शामिल लोगों को 'कड़ी से कड़ी' सजा दिलाएं। उन्होंने कहा कि यह मामला 'करोड़ों हिंदुओं की आस्था' से जुड़ा है और इसमें किसी को भी अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय का निर्णय
इस बीच, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेरा-फेरी की स्वतंत्र जांच का आदेश देने के अनुरोध वाली जनहित याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले से ही उच्चतम न्यायालय में एक याचिका लंबित है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता मोहित अशोक द्वारा दायर याचिका को निस्तारित कर दिया। याचिकाकर्ता ने मंदिर में भक्तों द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे के कथित गबन की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की थी।