राम मंदिर VIP दर्शन पास प्रणाली में महत्वपूर्ण परिवर्तन
अयोध्या में राम मंदिर की VIP दर्शन पास प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। महंत दिनेन्द्र दास को अब VIP पास की सिफारिश और वितरण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हाल ही में हुए प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद, ट्रस्टी की सिफारिश अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा, VIP पास जारी करने में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं, जिनकी जांच चल रही है। जानें इस प्रक्रिया के बारे में और क्या है इसके पीछे की कहानी।
Jul 10, 2026, 14:31 IST
राम मंदिर में VIP दर्शन पास प्रणाली में बदलाव
अयोध्या स्थित राम मंदिर में VIP दर्शन पास प्रणाली में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन किया गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से हटाए जाने के बाद चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव की सिस्टम ID को निष्क्रिय कर दिया गया है। अब VIP दर्शन पास की सिफारिश और वितरण की जिम्मेदारी महंत दिनेन्द्र दास को सौंपी गई है। महंत की ID को सक्रिय करने के साथ, उनकी सिफारिशों के आधार पर भक्तों के लिए सुगम और विशिष्ट दर्शन (VIP) पास जारी किए जाएंगे।
VIP पास के लिए ट्रस्टी की सिफारिश आवश्यक
VIP पास के लिए ट्रस्टी की सिफारिश ज़रूरी है
राम मंदिर प्रशासन VIP दर्शन पास जारी करने के लिए ट्रस्टी की सिफारिश को अनिवार्य मानता है। हाल ही में हुए प्रशासनिक परिवर्तनों के बाद, यह जिम्मेदारी महंत दिनेन्द्र दास को दी गई है।
विशेष एंट्री पास की श्रेणियाँ
अभी मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए खास एंट्री पास की दो कैटेगरी हैं:
सुगम दर्शन पास
विशिष्ट दर्शन (VIP) पास
इस प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए, हर ट्रस्टी के लिए एक अद्वितीय ID बनाई जाती है। इन ID का उपयोग श्रद्धालुओं के लिए विशेष दर्शन पास की सिफारिश और मंजूरी के लिए किया जाता है।
VIP पास जारी करने में गड़बड़ी के आरोप
VIP पास जारी करने में गड़बड़ी के आरोपों के अनुसार, राम मंदिर दान चोरी मामले में आरोपी टिन्नू यादव पर VIP पास प्रणाली का दुरुपयोग करके सैकड़ों विशेष दर्शन पास जारी करने का आरोप है।
आरोपों में यह भी कहा गया है कि अनिल मिश्रा और चंपत राय के करीबी लोग भी VIP पास जारी करने में गड़बड़ियों में शामिल थे और इस प्रक्रिया से कथित तौर पर लाखों रुपये कमाए गए। फिलहाल इन आरोपों की जांच चल रही है और किसी भी अदालत ने आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं की है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की स्थिति
आउटसोर्स कर्मचारियों के छोड़ने के बावजूद दान की गिनती जारी
आउटसोर्स कर्मचारियों के इस्तीफे की खबरों के बीच, बैंकिंग सूत्रों ने बताया कि दान चोरी मामले में आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद कोई नई भर्ती नहीं की गई है। इसके बावजूद, दान की गिनती बिना किसी रुकावट के जारी है, क्योंकि भक्तों की संख्या संभालने के लिए पर्याप्त है। अधिकारियों ने बताया कि कम वेतन के कारण आउटसोर्स कर्मचारी अक्सर नौकरी छोड़ देते हैं, जिससे स्टाफ का बार-बार बदलना एक सामान्य समस्या बन गई है।