राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने वित्तीय हेराफेरी पर जताया दुख
राम मंदिर दान में वित्तीय हेराफेरी पर प्रतिक्रिया
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने शनिवार को राम मंदिर के दान में हुई वित्तीय हेराफेरी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने इसे मंदिर के लिए एक कलंक मानते हुए कहा कि इस घटना से सभी लोग अपमानित महसूस कर रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आशा जताई कि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार होगा और भविष्य में ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।
नृपेंद्र मिश्रा की पत्रकारों से बातचीत
पत्रकारों से बातचीत में नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि वे इस घटना के लिए केवल क्षमा नहीं मांगते, बल्कि बेहद शर्मिंदा और निराश भी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला पूरी तरह से मंदिर प्रबंधन से संबंधित है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।
नए सीईओ की नियुक्ति के लिए समिति का गठन
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी की नियुक्ति के लिए नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि एक तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति नए सीईओ की नियुक्ति का अंतिम निर्णय लेगी। उल्लेखनीय है कि मिश्रा स्वयं सीईओ की नियुक्ति की मांग उठाने में अग्रणी रहे हैं।
हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा और निर्माण कार्यों का निरीक्षण
शुक्रवार को अयोध्या पहुंचे नृपेंद्र मिश्रा ने पहले हनुमानगढ़ी मंदिर में पूजा की। इसके बाद उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि पुराने मंदिर का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब केवल वहां 24 घंटे जलने वाली अखंड लौ की व्यवस्था करना बाकी है।
मंदिर निर्माण की समयसीमा
नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर निर्माण के अंतिम चरण की समयसीमा 30 जुलाई निर्धारित की है। इसके अलावा, चार किलोमीटर लंबी चारदिवारी और मंदिर परिसर के बाहर ऑडिटोरियम के निर्माण जैसे अन्य कार्य नवंबर या दिसंबर तक पूरे होने की उम्मीद है। राम कथा संग्रहालय की 20 गैलरी की स्टोरीलाइन तैयार हो चुकी है और इसे आधुनिक बनाने के लिए डिजिटल इंस्टॉलेशन और वीडियो सामग्री को अंतिम रूप दिया जा रहा है।