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राम जन्मभूमि ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति पर विचार

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महाराज ने ट्रस्ट के बेहतर प्रबंधन के लिए CEO की नियुक्ति पर विचार करने की बात कही है। उन्होंने हाल ही में आई समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि CEO की अनुपस्थिति के कारण ये समस्याएँ उत्पन्न हुईं। इसके साथ ही, चंपत राय की ईमानदारी पर भरोसा जताते हुए महाराज ने ड्राइवर राम यादव की भूमिका पर भी चर्चा की। जानें इस मामले में और क्या कहा गया है।
 

CEO की नियुक्ति का प्रस्ताव

गोविंद देव गिरी महाराज, जो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष हैं, ने बताया कि ट्रस्ट अपने कार्यों के प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए एक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) की नियुक्ति पर विचार कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह कदम प्रोफेशनल ब्यूरोक्रेटिक अनुशासन लाने के लिए आवश्यक है। महाराज ने हाल ही में ट्रस्ट को सामने आई समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि CEO की अनुपस्थिति के कारण ये समस्याएँ उत्पन्न हुईं, क्योंकि देखरेख के लिए आवश्यक अनुशासन की कमी थी। उन्होंने कहा, "हमने यहाँ उस तरह की प्रोफेशनल देखरेख की व्यवस्था नहीं की थी, और नतीजा यह हुआ। इसलिए, हम एक CEO लाएंगे। हमने तीन नामों को चुनने और उनकी सिफारिश करने के लिए एक कमेटी बनाई है, और हम उनमें से किसी एक को चुनेंगे।"


चंपत राय पर भरोसा

महाराज ने चंपत राय पर भी भरोसा जताया, जिन्होंने हाल ही में नैतिक आधार पर ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने कहा कि चंपत राय की ईमानदारी पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन यह भी सच है कि कुछ लोगों को काम पर रखने में राय ने लापरवाही बरती। महाराज ने स्पष्ट किया कि जब वह कहते हैं कि राय बेगुनाह हैं, तो उनका मतलब है कि इस पूरे मामले में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, "मैं उन्हें 32 साल से जानता हूँ, इसलिए मैं उनके किसी गलत काम में शामिल होने की कल्पना भी नहीं कर सकता।"


ड्राइवर की भूमिका

गोविंद महाराज ने मंदिर के दान में कथित हेराफेरी के लिए गिरफ्तार ड्राइवर राम यादव (टिन्नू यादव) को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि संभव है कि ड्राइवर को चोरी करने के लिए बाहरी लोगों ने उकसाया हो। महाराज ने कहा, "मुझे लगता है कि ड्राइवर ने ही यह सब किया; मुझे शक है कि उसका बाहरी लोगों से भी संपर्क था।" उन्होंने यह भी कहा कि यह सब हो रहा था, फिर भी किसी को इसकी जानकारी नहीं थी, जो उनके लिए दुख और शर्म की बात है।