राज्यसभा में NEET पेपर लीक के खिलाफ बिल पर चर्चा, बीजेपी सांसद ने छात्रों की आवाज उठाई
राज्यसभा में 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने NEET पेपर लीक के खिलाफ छात्रों की आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि छात्रों की मेहनत को बर्बाद करने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है। चड्ढा ने प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लिया। जानें इस महत्वपूर्ण चर्चा के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
Jul 31, 2026, 13:08 IST
राज्यसभा में बिल पर चर्चा
लोकसभा से पारित होने के बाद, 'पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026' को राज्यसभा में मंजूरी मिलने से पहले, बीजेपी सांसद राघव चड्ढा ने NEET विरोध प्रदर्शनों पर अपनी चुप्पी तोड़ी। चड्ढा ने कहा कि जब बात हमारे छात्रों और युवाओं की होती है, तो सरकार ने उनकी बात सुनी, कार्रवाई की और परिणाम भी दिए।
NEET पेपर लीक पर छात्रों का प्रदर्शन
यह बयान तब आया जब NEET पेपर लीक के खिलाफ पूरे देश में सैकड़ों छात्रों ने प्रदर्शन किया और पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की, जिसके बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया। चड्ढा ने संसद में कहा कि पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान आवश्यक है। उन्होंने बताया कि 22 लाख छात्र 3 घंटे की परीक्षा के लिए हर दिन 18 घंटे मेहनत करते हैं, लेकिन एक कैमरा फोन या एक मैसेज से उनकी मेहनत बेकार हो जाती है।
पेपर लीक की समस्या का समाधान
चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का स्थायी समाधान होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कैंसर का इलाज केवल दवा देकर नहीं किया जा सकता, इसी तरह पेपर लीक की समस्या का समाधान भी संस्थागत उपायों से ही होगा। हमारी सरकार इस बिल के माध्यम से भारत का पहला एंटी-पेपर लीक फ्रेमवर्क लाने जा रही है। उन्होंने NEET के छात्रों से कहा कि उनका गुस्सा और दर्द सही है, और परीक्षा प्रणाली में सुधार की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया
चड्ढा ने आगे कहा कि जब छात्रों ने अपनी चिंताएं व्यक्त कीं, तो प्रधानमंत्री ने उनकी बात को एक अभिभावक की तरह सुना। छात्रों की मांग पर सरकार ने ऐतिहासिक निर्णय लिए और सिस्टम में बदलाव किए। उन्होंने कहा कि जब छात्रों और युवाओं की बात आती है, तो सरकार ने उनकी बात सुनी, कार्रवाई की और परिणाम भी दिए।
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