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राज्यसभा में NDA की संख्या में वृद्धि, महत्वपूर्ण विधायी सुधारों की तैयारी

राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की संख्या में वृद्धि की संभावना है, जो आगामी मॉनसून सत्र से पहले महत्वपूर्ण विधायी सुधारों की तैयारी कर रहा है। पश्चिम बंगाल में उपचुनावों के माध्यम से भाजपा तीन सीटें जीतने की उम्मीद कर रही है, जिससे उसकी संख्या 117 तक पहुँच जाएगी। NDA की कुल संख्या 152 हो जाएगी, जो सामान्य कानूनों के मामले में सत्ताधारी गठबंधन को मजबूत स्थिति में रखेगी। सरकार से संवैधानिक कानूनों के प्रस्ताव की उम्मीद है, जिसमें महिला आरक्षण और परिसीमन शामिल हैं।
 

राज्यसभा में NDA की स्थिति में सुधार

राज्यसभा में भाजपा के नेतृत्व वाले NDA की संख्या में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है। सत्ताधारी पार्टी आगामी मॉनसून सत्र से पहले अपनी स्थिति को मजबूत करने की योजना बना रही है। इस सत्र में केंद्र सरकार परिसीमन, महिला आरक्षण और संभवतः एक साथ चुनाव कराने जैसे महत्वपूर्ण विधायी सुधारों से संबंधित बिल पेश कर सकती है।


यह संख्या पश्चिम बंगाल से बढ़ेगी, जहां 24 जुलाई को राज्यसभा की तीन सीटों के लिए उपचुनाव होने वाले हैं। भाजपा इन तीनों सीटों पर जीत की उम्मीद कर रही है। ये सीटें तृणमूल कांग्रेस के तीन पूर्व सांसदों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं, जो बाद में भाजपा में शामिल हो गए।


पश्चिम बंगाल में भाजपा की स्थिति

पश्चिम बंगाल में भाजपा की सत्ता में स्थिति के कारण, विधानसभा में पार्टी के पास इतनी संख्या है कि वह आसानी से तीनों सीटें जीत सकती है। इसके बाद, राज्यसभा में भाजपा की संख्या 117 तक पहुँच जाएगी, जो अब तक की सबसे अधिक होगी। NDA की कुल संख्या 152 हो जाएगी।


नई संख्या के अनुसार, राज्यसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या में साधारण बहुमत के लिए आवश्यक 123 सीटों से भाजपा केवल छह सीटें पीछे है।


संविधान संशोधन की चुनौती

पिछली बार किसी एक राजनीतिक पार्टी को उच्च सदन में बहुमत 1986 में मिला था, जब प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के पास आवश्यक संख्या बल था। हालांकि, भाजपा के पास अपने दम पर बहुमत नहीं है, लेकिन NDA की 152 सीटें सत्ताधारी गठबंधन को सामान्य कानूनों के मामले में मजबूत स्थिति में रखती हैं।


हालांकि, संवैधानिक संशोधनों की परीक्षा सबसे महत्वपूर्ण होगी। संवैधानिक संशोधन के लिए उपस्थित और मतदान करने वाले कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन आवश्यक है। यदि सभी प्रभावी सदस्य भाग लेते हैं, तो 166 सदस्य दो-तिहाई का आंकड़ा पूरा करते हैं।


आगामी विधायी सुधारों की उम्मीद

सरकार से यह उम्मीद की जा रही है कि वह आने वाले महीनों में राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण संवैधानिक कानून पेश करेगी, जिसमें परिसीमन और महिला आरक्षण के कार्यान्वयन से संबंधित उपाय शामिल हैं।