राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं, खाद्य आयुक्त का बयान
राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति
खाद्य आयुक्त आनंद स्वरूप ने स्पष्ट किया है कि राज्य में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि केवल पैनिक से बचने की आवश्यकता है और हर दिन स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि, एलपीजी के 2.68 लाख सिलिंडरों का बैकलाग अभी भी बना हुआ है, लेकिन रोजाना की बुकिंग की पूरी आपूर्ति की जा रही है।
एक प्रमुख समस्या यह है कि जिनके घरेलू गैस सिलिंडर खाली नहीं हैं, वे भी बुकिंग करवा रहे हैं। जब गैस का वाहन उनके दरवाजे पर पहुंचता है, तो सिलिंडर खाली न होने के कारण वाहन बिना गैस दिए लौट जाता है।
शनिवार को खाद्य आयुक्त ने रिंग रोड स्थित खाद्य आपूर्ति भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। राज्य को गैस की आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने पूरी तैयारी कर ली है, इसलिए चिंता की कोई बात नहीं है।
उन्होंने बताया कि सरकार वैकल्पिक ऊर्जा की व्यवस्था भी कर रही है। वन विकास निगम को जलाैनी लकड़ी की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। पीएनजी के निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई समस्या नहीं है, और आपूर्ति पूरी तरह से सुनिश्चित की जा रही है।
आनंद स्वरूप ने कहा कि देहरादून, हरिद्वार, उधमसिंह नगर, नैनीताल, टिहरी और कोटद्वार में कई स्थानों पर पीएनजी की आपूर्ति की जा रही है। अब तक 36,300 कनेक्शन पीएनजी से जुड़ चुके हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है, और आपूर्ति करने वाली कंपनियों ने पुष्टि की है कि उन्हें पर्याप्त सप्लाई मिल रही है।