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राज्य में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी

राज्य में ओवरलोड वाहनों, विशेषकर ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एडीजी ने हाल के हादसों का जिक्र करते हुए बताया कि ओवरलोडिंग के कारण कई जानें गई हैं। अब वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, जनता से अपील की गई है कि वे ओवरलोडेड वाहनों का उपयोग न करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। जानें इस नई नीति के बारे में और क्या कदम उठाए जाएंगे।
 

ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कदम

राज्य में ओवरलोड वाहनों, विशेषकर ऑटो जैसे छोटे वाहनों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी ऑटो या बस में ओवरलोडिंग के कारण दुर्घटना होती है, तो वाहन के मालिक और चालक सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। इस धारा के तहत न्यूनतम 10 वर्ष की सजा का प्रावधान है। यह जानकारी एडीजी (ट्रैफिक) सुधांशु कुमार ने पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता में साझा की।


   


एडीजी ने हाल के महीनों में हुए गंभीर ऑटो हादसों का उल्लेख करते हुए कहा कि 23 फरवरी को मसौढ़ी में हुए एक हादसे में 7 लोगों की जान गई थी। इसी तरह, 29 मई को डुमरिया में 4, 31 जुलाई को आदर्श नगर में 3 और 23 अगस्त को दनियावां के पास एक ऑटो दुर्घटना में 9 महिलाओं की मृत्यु हुई थी। ये सभी घटनाएं ओवरलोडिंग के कारण हुई हैं। इन मामलों की जांच कर बीएनएस की धारा 105 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, जहानाबाद में हाल ही में एक स्कूल बस से गिरकर बच्चे की मौत का मामला भी सामने आया है, जिसमें भी कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।


       


एडीजी ने बताया कि विशेषकर पटना जैसे शहरों में ऑटो के कारण जाम की समस्या उत्पन्न होती है। सभी चौक-चौराहों पर ऑटो को 50 मीटर आगे या पीछे खड़ा करने का सख्त निर्देश दिया गया है। यदि ऑटो, टुकटुक या अन्य किसी वाहन में नाबालिग पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ भी बीएनएस की सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी। मालवाहक ऑटो या अन्य वाहनों पर व्यक्तियों को ढोने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। ई-रिक्शा में स्कूली बच्चों के परिवहन पर पहले से ही रोक लगा दी गई है। ऐसे सभी मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।


 


उन्होंने कहा कि वर्तमान में ऑटो चालकों को समझाया जा रहा है। यदि वे फिर भी नहीं मानते हैं, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे ओवरलोडेड वाहनों पर बैठने से बचें और गलत वाहन चलाने वालों के खिलाफ आवाज उठाएं। ताकि इस तरह की परंपरा को समाज में स्वीकार नहीं किया जा सके। स्कूलों में भी ट्रैफिक नियमों की जानकारी दी जानी चाहिए।